RBI Governor : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गर्वनर शक्तिकांत दास को लंदन में सेंट्रल बैंकिंग द्वारा 2023 के लिए 'गवर्नर ऑफ द ईयर' की उपाधि से सम्मानित किया गया। सेंट्रल बैंकिंग एक इंटरनेशनल इकोनॉमिक शोध पत्रिका है।

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आरबीआई प्रमुख शक्तिकांत दास को यह पुरुस्कार मुद्रास्फीति के प्रबंधन और कोरोना महामारी और ग्लोबल उथल-पुथल जैसे संकटों के दौरान भारत की बैंकिंग प्रणाली को कुशलता से संभालने के लिए दिया गया है।

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आयोजकों की तरफ से कहा गया है कि आरबीआई प्रमुख बेहद जरूरी सुधारों के पीछे है और आरबीआई प्रमुख ने दुनिया के अग्रणी भुगतान नवाचारों के सुचारू प्रबंधन को सुनिश्चित किया है। आयोजकों की तरफ से कहा गया है कि आरबीआई प्रमुख ने कठिन वक्त में भारत का नेतृत्व किया है।

वर्ष 2023 के मार्च के महीने में पब्लिकेशन की तरफ से उनको यह पुरुस्कार देने की सिफारिश की गई थी।
आरबीआई गवर्नर को ग्लोबल उथल-पुथल और कठिन परिस्थितियों के दौरान आरबीआई के उनके नेतृत्व के लिए उन्हें उपाधि से सम्मानित किया गया।

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उन्होंने भारत के केंद्रीय बैंक और पूरी बैंकिंग प्रणाली को कोरोना महामारी, महत्वपूर्ण गैर-बैंकिंग कंपनियों, रूस-यूक्रेन युद्ध, आदि के दौरान बेहतर तरीके से मैनेज किया।

12 दिसंबर 2018 को शक्तिकांत दास ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के रूप में पदभार को संभाला था। शक्तिकांत दास की नियुक्ति के महीनों पहले देश की प्रमुख गैर बैकिंग वित्तीय कंपनी तरलता के कारण दिवालिया हो गई थी।

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एनबीएफसी के डूबने की कारण से कई मध्यम आकार के बैंकों के व्यापार मॉडल में भारी कमियों का भी खुलासा हुआ था। जो एनबीएफसी पर काफी ज्यादा निर्भर थे। इसके बाद में, महाराष्ट्र और पंजाब सहकारी बैंक जैसे दूसरे बैंक भी बंद हो गए थे।

बता दें, कि शक्तिकांत दास से पहले वर्ष 2015 में 'गवर्नर ऑफ द ईयर' का खिताब रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन को मिल चुका है।

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