नयी दिल्ली। अगर आप एटीएम धोखाधड़ी का शिकार हो जायें तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। दरअसल दो साल पहले भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय किये ग्राहक सुरक्षा नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी जमाकर्ता अपना पैसा न खोए। पिछले तीन दिनों में कोलकाता में एटीएम स्किमिंग धोखाधड़ी के मामले सामने आये हैं। इससे पहले त्रिपुरा में भी फर्जी एटीएम बना कर धोखाधड़ी का मामला सामना आया था। आरबीआई ने बैंकों की ओर से धोखाधड़ी या लापरवाही या कमी के मामले में ग्राहक की शून्य जिम्मेदारी बनायी है। या अगर आपके साथ एटीएम का कोई धोखा तो उसमें आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने कहा है कि जमाकर्ताओं को नियमानुसार सात दिनों के भीतर अपना पैसा वापस मिल जाएगा।

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फ्रॉड के कई मामले सामने
कम से कम 61 एटीएम धोखाधड़ी के मामले सामने आये हैं, जिनमें ज्यादातर कोलकाता के जादवपुर इलाके के हैं, जहां जालसाजों ने ग्राहकों को ठगने के लिए पंजाब नेशनल बैंक की दो एटीएम मशीनों का इस्तेमाल किया। 28 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच की गयी कई लेनदेनों में जालसाजों ने लगभग 14 लाख रुपये निकाल लिये। शिकायतकर्ताओं ने इस इलाके में दो एटीएम का इस्तेमाल किया जिन्हें बाद में ठग लिया गया। इनमें एचडीएफसी बैंक और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक शामिल थे।

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ईएमवी चिप वाले कार्ड सुरक्षित
बैंकरों का कहना है कि धोखाधड़ी से बचने के लिए ईएमवी चिप वाले कार्ड चुंबकीय स्ट्रिप्स वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं। हालाँकि समस्या यह है कि अभी चुंबकीय स्ट्रिप्स वाले कार्ड को पूरी तरह से हटाया नहीं जा सकता है क्योंकि कई एटीएम मशीनें अभी भी ईएमवी चिप्स वाले कार्ड को रीड नहीं कर सकती। हालाँकि बैंक इस प्रक्रिया में हैं कि सारे कार्ड ईएमवी चिप वाले हों।

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