नई द‍िल्‍ली: अगर आप पैसों के ​लेन-देन के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं तो आप ये खबर जरुर पढ़ें। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाई वैल्यू चेक क्लियरिंग के नियमों में बदलाव किया है। चेक भुगतान में ग्राहक सुरक्षा बढ़ाने और चेक लीफ से छेड़छाड़ के कारण होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं को कम करने के लिए आरबीआई ने नया सिस्टम पेश किया है। आरबीआई ने 50 हजार रुपये या उससे अधिक के सभी चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चेक से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाओं को कम करने के लिए हाई वैल्यू चेक क्लियरिंग के नियमों में बदलाव किया है। आरबीआई ने यह फैसला चेक भुगतान में ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से किया है।

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बता दें कि नए नियमों के मुताबिक, 50 हजार रुपये या उससे अधिक के सभी चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम शुरू करने का फैसला किया गया है। पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत चेक जारी करने के समय ग्राहकों से पूरी जानकारी मांगी जाएगी। वहीं, भुगतान करने से पहले बैंक ग्राहकों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर छानबीन करेंगे और उसके बाद ही पैसों का भुगतान किया जाएगा। इससे चेक से संबंधित धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। यह सिस्टम देशभर में जारी किए गए कुल चेक के 20% वैल्यूम को कवर करेगा और वैल्यू के आधार पर चेक से लेनदेन की 80% राशि इसके दायरे में आ जाएगी। आरबीआई ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए जल्द ही परिचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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जानि‍ए कैसे काम करेगा नया सिस्टम
पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत, लाभार्थी को चेक सौंपने से पहले खाताधारक द्वारा जारी किए गए चेक का विवरण जैसे चेक नंबर, चेक डेट, पेयी नाम, खाता नंबर, रकम आदि के साथ-साथ चेक के सामने और रिवर्स साइड की फोटो के साथ साझा करना होगा। जब लाभार्थी चेक को इनकैश करने के लिए जमा करेगा तो बैंक पॉजिटिव पे के जरिए प्रदान किए गए चेक डिटेल्स की तुलना की जाएगी। अगर डिटेल्स मेल खाएंगे तो चेक क्लीयर हो जाएगा।

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