नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इन दिनों कमजोर बैंकों पर सख्त एक्शन ले रहा है। इसी के तहत आरबीआई ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर के सुभद्रा लोकल एरिया बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने कहा है कि इस बैंक का संचालन सही तरीके से नहीं हो रहा था, जिससे बैंक के वर्तमान और भविष्य में जमाकर्ताओं को नुकसान हो सकता था। आरबीआई ने बताया है कि सुभद्रा लोकल एरिया बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 की दो तिमाहियों के दौरान न्यूनतम नेटवर्थ की अनिवार्यता का पालन नहीं किया है, जिस कारण से उसे बैंक का लाइसेंस दर करने का सख्त फैसला लेना पड़ा है। आरबीआई के अनुसार वह अब इस बैंक को बंद करने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन करेगी। आरबीआई इससे पहले भी इसी माह एक और बैंक को बंद कर चुकी है।

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जमाकर्ताओं का पैसा फिलहाल फंसा

हालांकि आरबीआई ने कहा है कि सुभद्रा लोकल एरिया बैंक के पास जमाकर्ताओं को पैसे लौटाने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है, लेकिन फिलहाल यह पैसा फंस गया है। बैंक के बारे में जब आरबीआई अगला फैसला लेना, तभी पता चलेगा कि यह पैसा कैसे और कितना वापस मिलेगा। आरबीआई के सुभद्रा लोकल एरिया बैंक का लाइसेंस कैंसल करने का फैसला 24 दिसंबर, 2020 से लागू हो गया है। इसके बाद अब बैंक कोई भी बैंकिंग गतिविधियां नहीं कर पाएगा। आरबीआई के अनुसार लाइसेंस कैंसल होने के बाद बैंक पर तत्काल प्रभाव से किसी भी तरह की बैंकिंग या कोई अन्य कारोबार करने पर रोक लग गई है। 

क्या होगा जमाकर्ताओं के पैसों का

आरबीआई ने कहा कि सुभद्रा लोकल एरिया बैंक के जमाकर्ताओं को घबड़ाने की जरूरत नहीं हैं। बैंक के पास खाताधारकों को लौटाने क लिए पर्याप्त लिक्विडिटी है। बैंक के सभी खाताधारकों को उनकी जमापूंजी बैंक की ओर से लौटा दी जाएगी। आमतौर पर किसी बैंक का लाइसेंस रद करने के बाद आरबीआई उस बैंक के लिक्विडेशन प्रक्रिया को शुरू करती है। इसके साथ ही डीआईसीजीसी एक्ट प्रभावी हो जाता है। इसके तहत बैंक के मौजूदा ग्राहकों और जमाकर्ताओं को उनका पैसा दिया जाता है। डीआईसीजीसी के तहत इस बैंक के जमाकर्ताओं को उनके डिपॉजिट के आधार पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक वापस मिलते हैं।

कुछ दिन पहले ही करोड जनता सहकारी बैंक का रद हआ था लाइसेंस

अभी दिसंबर के पहले हफ्ते में आरबीआई ने महाराष्ट्र के ही एक को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया था। आबरीआई ने महाराष्ट्र के कराड जनता सहकारी बैंक का लाइसेंस भी रद्द किया था। आरबीआई ने संकटग्रस्त कराड जनता सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिंल करते हुए कहा था कि पर्याप्त पूंजी नहीं होने के साथ बैंक में भविष्य में आमदनी की संभवनाएं भी नहीं दिख रही है। इसके चलते आरबीआई ने इस बैंक के लाइसेंस को रद्द करने का फैसला किया था।