नई दिल्ली, मई 14। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक और बैंक पर रोक का आदेश जारी कर दिया है। आरबीआई के अनुसार यह बैंक गंभीर वित्तीय स्थिति में है, और कामकाज करने की स्थिति में नहीं है। आरबीआई के आदेश के बाद इस बैंक के खाताधारक अब बैंक से पैसे नहीं निकाल पाएंगे। ध्यान रहे कि आरबीआई लगातार कमजोर बैंकों की नकेल कसता जा रहा है। इसी साल की शुरुआत से अब तक आरबीआई कई बैंकों के कामकाज पर रोक लगा चुका है।
आरबीआई इन इस बार जिस बैंक पर रोक लगाई है वह शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक। यह बैंक महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है। आरबीआई ने शुक्रवार से शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, इचलकरंजी, कोल्हापुर की वित्तीय स्थिति खराब होने के चलते कैश निकासी सहित कई तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं।
आरबीआई ने एक बयान में बताया है कि शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक पर यह प्रतिबंध 13 मई, 2022 को कारोबार बंद होने से 6 महीने की अवधि के लिए लागू किए जा रहे हैं। इस दौरान बैंक के कामकाज की समीक्षा होती रहेगी। आरबीआई के अनुसार बैंक की वर्तमान तरलता स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि से किसी भी राशि को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हालांकि शर्तों के अधीन जमा के खिलाफ लोन को समायोजित करने की अनुमति है। वहीं यह बैंक, आरबीआई की पूर्वानुमति के बिना, किसी भी ऋण और अग्रिम को अनुदान या नवीनीकृत नहीं कर सकता है। कोई निवेश नहीं कर सकता है, कोई दायित्व नहीं ले सकता है, और अन्य प्रतिबंधों के बीच अपनी किसी भी संपत्ति या संपत्ति का निपटान नहीं कर सकता है।
आरबीआई ने साथ ही यह स्पष्ट किया है कि उसके आदेश को शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक निर्देशों में बताए गए प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग व्यवसाय करना जारी रखेगा।
आरबीआई ने कहा है कि शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक के खाताधारकों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार इस बैंक के ज्यादातर खाताधारक के खातों में जमा राशि 5 लाख रुपये से कम है। इस बैंक के ऐसे खाताधारकों की संख्या करीब 99.84 प्रतिशत है। ऐसे खाताधारकों को अपना जमा पैसा डीआईसीजीसी बीमा योजना के अंतर्गत वापस मिल जाएगा। डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा किया जाता है। और बैंक में दिक्कत आने पर ग्राहकों का जमा 5 लाख रुपये तक पूरा लौटाया जाता है। हालांकि जिन ग्राहकों का जमा पैसा 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उनको केवल 5 लाख रुपये की दिया जाता है। बाकी पैसा डूब जाता है। आरबीआई की तरफ दिए आंकड़े के अुनसार इस बैंक में 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा वाले ग्राहक कम हैं, लेकिन जो भी हैं, उनका 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा पैसा डूब जाएगा।
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