नई दिल्ली, अप्रैल 26। भारत में राशन कार्ड का उपयोग कम आय वाले लोगों को किफायती कीमत पर अनाज (गेहूं, चावल आदि) और खाना पकाने के अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। 2020 में, लॉकडाउन के दौरान, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत कवर किए गए 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त प्रदान करने की योजना शुरू की। हालाँकि, यह योजना 31 मार्च, 2022 को समाप्त होनी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस योजना को 30 सितंबर, 2022 तक बढ़ा दिया। मगर अब राशन कार्ड से जुड़ा एक नियम बदला गया है। आगे जानिए नये नियम की डिटेल।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, 80 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ उठा रहे हैं। इनमें से कई लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, जो कि अपात्र हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के जरिए इन अपात्र लोगों से राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा जा रहा है। जो भी लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं, उन्हें राशन कार्ड सरेंडर करना है।
ध्यान रहे कि यदि कोई अपात्र व्यक्ति राशन कार्ड सरेंडर नहीं करेगा तो जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सवाल यह है कि किन लोगों को पात्र माना जाएगा। तो बता दें कि जिसके 100 वर्ग मीटर से अधिक का कोई प्लॉट हो, फ्लैट या मकान हो, या चार पहिया गाड़ी या ट्रैक्टर हो, गांव में दो लाख रु और शहर में तीन लाख रु की पारिवारिक आय हो तो ऐसे लोग राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं। यदि किसी के पास पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हो या वो आयकरदाता तो वो भी अपात्र है। जो भी लोग इनमें से किसी कैटेगरी में आते हैं, उन्हें अपना अपना राशन कार्ड जमा करना होगा।
जो लोग राशन कार्ड रखने के पात्र नहीं हैं, उन्हें अपना राशन कार्ड तहसील या डीएसओ कार्यालय में जमा कराना होगा। जानकारी के लिए बता दें कि यदि ऐसे लोग राशन कार्ड को सरेंडर नहीं करते हैं तो जांच के बाद उनका राशन कार्ड रद्द होगा। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही साथ जब से उस कार्ड पर राशन लिया जा रहा है, तब से राशन के बदले वसूली भी होगी।
पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। छह महीने के विस्तार के साथ 80,000 करोड़ रुपये और खर्च होंगे। पर अब राज्यों द्वारा दिए गए सुझावों से पात्रों के लिए नए नियम भी तैयार किए जा रहे हैं। लागू होने के बाद पात्र व्यक्तियों को ही लाभ मिलेगा, अपात्र लोगों को लाभ नहीं मिल सकेगा। नए नियम के तहत अपात्र व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुल 22,19,95,849 राशन कार्ड जारी किए गए हैं, जिनके कुल लाभार्थी 72,83,15,636 हैं। आधार से जुड़े राशन कार्ड 20,01,98,697 हैं। आधार से जुड़े लाभार्थी 66,73,72,430 हैं। मोबाइल नंबर वाले राशन कार्ड 8,44,89,637 हैं।
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