नई दिल्ली। रतन टाटा ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके बारे में न ही भारत में और न ही दुनिया में किसी को परिचय देने की जरूरत है। आज इन्हीं रतन टाटा का जन्मदिन है। रतन टाटा हालांकि सक्रिय रूप से टाटा ग्रुप से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उनकी सलाह आज भी टाटा ग्रुप के लिए बड़ा सहारा है। रतन टाटा ऐसे कारोबारी मुखिया रहे हैं, जिनको कंपनी रिटायर नहीं करना चाह रही थी, लेकिन उन्होंने हाथ जोड़ कर विदा ली थी। बहुत ही कम ऐसे लोग मिलते हैं। टाटा ग्रुप देश का सबसे बड़ा कारोबारी ग्रुप है, और यह मालिकाना ढांचे की जगह ट्रस्ट के रूप में चलता है। टाटा ग्रुप अपनी कमाई का करीब 65 फीसदी मुनाफा समाज में भलाई के लिए खर्च कर देता है। आज रतन टाटा का जन्म दिन (जन्म 28 दिसंबर 1937) है। रतन टाटा का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था। रतन टाटा नवल टाटा के बेटे हैं, जिन्हें नवजबाई टाटा ने गोद लिया था। रतन टाटा के माता-पिता 1948 में एक दूसरे से अलग हो गए थे। तब रतन टाटा 10 वर्ष और उनके छोटे भाई जिम्मी 7 साल के थे। तब जमशेदजी टाटा के बेटे रतनजी टाटा की पत्नी नवाजबाई ने इन्हें गोद ले लिया था। उन्होंने इनका लालन पालन किया, जिन्हें रतन टाटा अपनी दादी मानते हैं।
-लोग आप पर जो पत्थर फैंकते हैं, उसका उपयोग स्मारक बनाने में करें।
-आगे बढ़ने के लिए हमारे जीवन में उतार-चढ़ाव जरूरी है, क्योंकि ईसीजी में सीधी लाइन का मतलब होता है, हम जिंदा नहीं है।
-अगर आप तेज चलना चाहते हैं, तो अकेले चलें। पर अगर आप लंबा चलना चाहते हैं, तो साथ चलें।
-मैं सही फैसले लेने में विश्वास नहीं करता, मैं फैसले लेता हूं और फिर उन्हें सही साबित करता हूं।
-लोहे को उसकी खुद की जंग के अलावा कोई नहीं नष्ट कर सकता। इसी तरह किसी व्यक्ति को उसके खुद के माइंडसेट के अलावा कोई खत्म नहीं कर सकता।
रतन टाटा के कारोबारी जीवन में कई ऐसे मौके आए जब उनके विरोधियों ने उनका खूब विरोध किया, लेकिन रतन टाटा कभी विरोधियों पर हमलावर नहीं हुए। उन्होंने कभी पलटकर बयानबाजी नहीं की। उनके अनुसार अगर आपने गलत नहीं किया है, तो एक न एक दिन वह अपने आप सही साबित हो ही जाएंगे।
जानिए रतन टाटा की शिक्षा के बारे में
रतन टाटा ने हार्वर्ड से च्च शिक्षा प्राप्त की है। हालांकि शुरुआती पढ़ाई मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल और माध्यमिक शिक्षा शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने बी.एससी., आर्किटेक्चर में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के साथ कॉर्नेल विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क से 1962 में पूरा करी। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से 1975 में एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया।
रतन टाटा ने टाटा ग्रुप के साथ अपने कॅरियर की शुरुआत 1961 में एक कर्मचारी के रूप में की थी। काफी समय बाद वह संकट में घिरी राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी (नेल्को) में प्रभारी निदेशक बनाए गए। इस कंपनी को उन्होंने सफल कंपनी में बदल दिया। इस सफलता के बाद उन्हें 1981 में टाटा इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष बनाया गया और बाद में 1991 में जेआरडी टाटा ने टाटा ग्रुप का जब अध्यक्ष पद छोड़ा तो वह रतन टाटा को ही मिला। इस पद से भी रतन टाटा खुद ही 28 दिसंबर 2012 को रिटायर हुए।
यह बात 1999 की है तब रतन टाटा फोर्ड कार कंपनी के मुख्यालय डेट्राॅयट गए थे। इस मुलाकात में रतन टाटा अपनी तरफ से टाटा मोटर्स को बेचना चाहते थे, लेकिन इस दौरान फोर्ड मोटर्स के बिल फोर्ड ने रतन टाटा की बेइज्जती करते हुए कहा कि हम तुम पर बहुत बड़ा अहसान कर रहे हैं। क्योंकि हम तुम्हारी ये टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल कंपनी खरीद रहे हैं। उन्होंने रतन टाटा से कहा कि जब गाड़ी बनानी नहीं आती तो इस धंधे में आए क्यों थे। रतन टाटा को यह बात खटक गई और उन्होंने टाटा मोटर्स को बेचने का विचार छोड़ दिया और वापस मुंबई आ गए। इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत से टाटा मोटर्स को दुनिया की बड़ी कंपनी बना दिया। इस बीच 2009 में बिल फोर्ड की कंपनी घाटे में आ गई और दिवालिया होने के कगार पर पहुँच गई। इस दौरान टाटा ग्रुप ने उनकी कंपनी के खरीदने का एक प्रस्ताव दिया। जब फोर्ड की पूरी टीम मुंबई आई तो रतन टाटा ने उनसे कहा कि टाटा मोटर्स आपके 'जैगुआर' और 'लैंड रोवर' को खरीदकर आप पर बहुत बड़ा अहसान कर रहे हैं।
1. रतन टाटा 1991 में जेआरडी टाटा के बाद समूह के पांचवें अध्यक्ष बने।
2. रतन टाटा को 2000 में पद्मभूषण और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
3. रतन टाटा ने टेटली, जगुआर लैंड रोवर और कोरस जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया।
4. रतन टाटा ने नैनो जैसी लखटकिया कार बनाकर आम आदमी का कार का सपना पूरा किया।
5. रतन टाटा के दौर में ही इंडिका जैसी कार भी बाजार में लांच की गई।
6. टाटा ने विकसित देशों की कई ऐसी कंपनियों का अधिग्रहण कर लिया जो अपने देश में सुपर ब्रांड थीं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान