नई द‍िल्‍ली: रेलवे को प्लेटफॉर्म टिकट बेचने से कमाई में लगातार इजाफा हो रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री से भारतीय रेल को 2018-19 में 139.20 करोड़ रुपये की आय हुई। इस बात की जानकारी लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई। गोयल ने कहा कि प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री से मौजूदा वित्त वर्ष में सितंबर महीने तक 78.50 करोड़ रुपये की आय हुई। झटका: महंगा हो जाएगा रेल का सफर, सरकार ने दी मंजूरी ये भी पढ़ें

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स्टेशनों से विज्ञापनों एवं दुकानों से 230.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि 2018-19 में स्टेशनों से विज्ञापनों एवं दुकानों से 230.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इससे पहले, भारतीय रेलवे ने कबाड़ (स्क्रैप) बेचकर अपने खजाने में एक बड़ी धनराशि जोड़ने की खबर दी थी। रेलवे की तरफ से एक आरटीआई आवेदन के जवाब के अनुसार, विभाग ने बीते 10 सालों में कबाड़ से 35,073 करोड़ रुपये की आमदनी की।

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वहीं रेल मंत्रालय ने बीते 10 सालों में बेचे गए स्क्रैप को लेकर जो ब्यौरा जारी किया है, उससे पता चलता है कि वर्ष 2009-10 से वर्ष 2018-19 की अवधि के बीच विभिन्न तरह के स्क्रैप बेचकर विभाग ने 35,073 करोड़ रुपये कमाए। इसमें कोच, वैगन्स और पटरी के कबाड़ शामिल हैं। बीते 10 सालों में सबसे ज्यादा स्क्रैप 4,409 करोड़ रुपये का वर्ष 2011-12 में बेचा गया, जबकि सबसे कम स्क्रैप से आमदनी वर्ष 2016-17 में 2,718 करोड़ रुपये हुई।

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महज 10 रुपए में खरीद सकते टिकट काउंटर
भारतीय रेलवे द्वारा जारी की जाने वाली प्लेटफॉर्म टिकट के कई लाभ हैं। इसके माध्यम से आप प्लेटफॉर्म पर जा सकते हैं और यह आप रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से महज 10 रुपए में खरीद सकते हैं। हालांकि इसके तहत आपको ट्रेन से सफर करने की अनुमति कुछ शर्तों पर मिलती है। वहीं 10 रुपए की टिकट से आप दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर रह सकते हैं अर्थात आपको दो घंटे तक अपने परिजनों को प्लेटफॉर्म तक छोड़ने या उन्हें वहां से लेने की अनुमति मिलती है।

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प्लेटफॉर्म टिकट से ऐसे करें ट्रेन में सफर
वहीं अगर आप प्लेटफॉर्म टिकट से ट्रेन में सफर करते हैं, तो ट्रेन में बैठने के बाद आपको सबसे पहले टीटीई को इसके बारे में बताना होगा और जहां जाना है, वहां का टिकट कटाना होगा। किराए के अतिरिक्त आपसे 250 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। यात्री को किराया उसे स्टेशन से चुकाना होगा, जहां से उसने प्लेटफॉर्म टिकट लिया है। इसके अलावा आपको टीटीई को गार्ड सर्टिफिकेट भी दिखाना होगा।