Railway General Ticket Rule Changed: भारत में हर दिन लाखों लोग अपनी यात्रा की ज़रूरतों के लिए ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं। भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने की कोशिश में रहता है, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। ट्रेन में सफर करने वाले कुछ यात्री रिजर्वेशन कोच में सफर करते हैं और कुछ अनारक्षित कोच में सफर करते हैं।

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आरक्षित कोचों के लिए पहले से बुकिंग की ज़रूरत होती है और इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी, फर्स्ट एसी, एसी चेयर कार, स्लीपर और सेकंड सिटिंग जैसे विकल्प शामिल होते हैं। इसके अलावा, सामान्य कोच यात्रियों को ट्रेन निकलने से कुछ समय पहले टिकट खरीदने की इजाजत देते हैं।

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जनरल टिकट नियमों में बदलाव

हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक दुखद घटना हुई जिसमें भीड़भाड़ के कारण 18 लोगों की मौत हो गई। ये सभी यात्री उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में जाने के लिए निकले थे, लेकिन स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बन गया था।

इस घटना के बाद रेल मंत्रालय ने जनरल टिकट बुकिंग के नियमों में संशोधन करने पर विचार किया है। मौजूदा समय में जनरल टिकट वाले यात्री आसानी से ट्रेन बदल सकते हैं। हालांकि, आने वाले समय में होने वाले बदलावों के तहत इन टिकटों पर ट्रेन का नाम दर्ज करना पड़ सकता है।

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प्रस्तावित बदलाव का मतलब है कि एक बार जब जनरल टिकट पर ट्रेन का नाम छप जाता है, तो यात्रियों को अब आखिरी समय में ट्रेन बदलने की सुविधा नहीं मिलेगी। इस बदलाव का उद्देश्य भीड़ को बेहतर ढंग से सही करना और यात्रियों की भीड़भाड़ को कम करके स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाना है।

जनरल टिकट की वैलेडिटी को समझना

कई यात्रियों को शायद यह पता न हो कि जनरल टिकट की वैलेडिटी समय भी तय होती है। अगर जनरल टिकट खरीदने के तीन घंटे के भीतर यात्रा शुरू नहीं की जाती है, तो यह टिकट अमान्य हो जाता है। यह नियम तय करता है कि केवल वे ही लोग जनरल कोच में जगह ले सकें जो तुरंत यात्रा करने के लिए तैयार हों।

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टिकटिंग नियमों में संभावित बदलाव लाखों यात्रियों की यात्रा की योजना को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। टिकटों पर ट्रेन के नाम की अनिवार्यता के ज़रिए रेलवे का टारगेट ट्रेन चलने की व्यवस्था को अच्छा करना और देश भर के स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों में सुधार करना है।