नई दिल्ली: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेलवे की ओर से काफी अच्छी पहल की शुरुआत की जा रही है। भारतीय रेल के सार्वजनिक उद्यम रेलटेल ने बीते कल यानी गुरुवार से अपनी प्रीपेड वाई फाई सेवा शुरू कर दी। इसके तहत फिलहाल देश के 4,000 रेलवे स्टेशनों पर यात्री पहले भुगतान करके हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा का उपयोग कर सकेंगे। मालूम होगा कि रेलटेल पहले से ही देश के 5,950 स्टेशनों को फ्री वाई फाई सेवा दे रहा है जिसका इस्तेमाल कोई भी स्मार्टफोन धारक कर सकता है। इसके लिए उपयोक्ता को ओटीपी आधारित सत्यापन कराना पड़ता है।
अच्छी बात ये है कि नई प्रीपेड योजना के तहत उपयोक्ता रोजाना अधिकतम 30 मिनट के लिए 1एमबीपीएस की स्पीड पर इंटरनेट का उपयोग कर सकता है। इसके बाद 34 एमबीपीएस स्पीड तक के लिए उपयोक्ता को बेहद कम शुल्क का भुगतान करना होगा। बता दें कि रेलटेल के सीएमडी पुनीत चावला ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश के 20 स्टेशनों पर प्रीपेड वाई फाई का परीक्षण किया और उससे मिली प्रतिक्रिया तथा विस्तृत परीक्षण के साथ हम इस योजना को भारत में 4,000 से ज्यादा स्टेशनों पर शुरू कर रहे हैं। हमारी योजना सभी स्टेशनों को रेलवायर वाई फाई से जोड़ने की है।
- एक दिन के लिए 10 रुपये में 5 जीबी डेटा
- एक दिन के लिए 10 रुपये में 10 जीबी डेटा
- पांच दिन की वैलिडिटी के साथ 20 रुपये में 10 जीबी डेटा
- पांच दिन की वैलिडिटी के साथ 30 रुपये में 20 जीबी डेटा
- 10 दिन की वैलिडिटी के साथ 40 रुपये में 20 जीबी डेटा
- 10 दिन की वैलिडिटी के साथ 50 रुपये में 30 जीबी डेटा
- 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ 70 रुपये में 60 जीबी डेटा
इस दौरान ये भी बताया गया कि डेटा योजना इस तरह से बनाई गई है कि कोई भी यूजर्स अपनी जरुरत के हिसाब से चुन सकता है। प्रीपेड पेमेंट के लिए नेट-बैंकिंग, ई-वॉलेट और क्रेडिट कार्ड किसी का भी उपयोग किया जा सकता है। इसे ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है। महामारी से पहले हर महीने करीब तीन करोड़ लोग इस योजना का उपयोग कर रहे थे। हालात सामान्य होने और यात्रियों की संख्या पहले की तरह होने पर प्रीपेड वाईफाई सेवा से 10-15 करोड़ रूपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
वहीं दूसरी ओर इंडियन रेलवे ने ग्राहकों की सुविधा के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है यानी अब से आप सिर्फ एक नंबर के जरिए ही अपनी सभी परेशानी और कंफ्यूजन को दूर कर सकते हैं। इस बात की जानकारी रेलवे ने ट्वीट के जरिए दी है। रेलवे ने अपने सभी हेल्पलाइन नंबर जैसे 182 और 138 को मर्ज करके रेल मदद इंट्रीग्रेटेड सिंगर हेल्पलाइन 139 जारी किया है। इंडियन रेलवे ने ट्वीट में लिखा है कि अब से 138 और 182 हेल्पलाइन नंबर को मर्ज कर दिया गया है। अब से रेलवे की किसी भी सुविधा का लाभ लेने या किसी भी तरह की परेशानी के लिए आपको 139 पर कॉल करना होगा। यानी आपको रेलवे की सुविधाओं के लिए अब से सिर्फ एक नंबर की जरूरत होगी।
- सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी- 1 नंबर दबाने पर
- पूछताछः पीएनआर, किराया और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी- 2 नंबर
- केटरिंग संबंधी शिकायत- 3 नंबर पर
- आम शिकायत- 4 नंबर के जरिए
- सतर्कता और भ्रष्टाचार की शिकायत- 5 नंबर से
- ट्रेन दुर्घटना से जुड़ी सूचना- 6 नंबर दबाकर
- शिकायत का स्टेटस/स्थिति- 9 नंबर की मदद से
- कॉल सेंटर अधिकारी से बात करने के लिए- *
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