Zomato News: आपने कई बार जोमैटो से खाना ऑडर किया होगा। ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि ये खाना हल्दी और ताजा होगा लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। यह हैदराबाद के कुकटपल्ली में स्थित जोमैटो के हाइपरप्योर गोदाम का मामला है। गोदाम को राज्य लाइसेंस के साथ संचालित एक FBO (खाद्य व्यवसाय संचालक) के रूप में जाना जाता है। FBO होटल, रेस्तरां और कैटरर्स को फल, सब्जियां, मांस, समुद्री भोजन, स्वादिष्ट भोजन, पैकेजिंग, रसोई के सामान आदि की आपूर्ति करते हैं।
पैकेजिंक डेट में आगे की लिखी थी तारीख
हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जोमैटो गोदाम में निरीक्षण के दौरान पाया कि 30 अक्टूबर, 2024 के लिए पैक किए गए 18 किलो बटन मशरूम पर आगे की तारीख लिख दी गई। आइए इस पूरे मामले के बारे में आपको बताते हैं। इस तरह की भविष्य की पैकिंग की डेट खाद्य सुरक्षा का उल्लंघन है और यह ऐसे समय में हुआ है जब अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद दिवाली से पहले मिठाई की दुकानों, मोमो आउटलेट और कुछ स्थानों पर शावरमा यूनिट में गंभीर खाद्य सुरक्षा मुद्दों को उजागर किया है।
इतना ही नहीं, अधिकारियों ने ये भी पाया कि गोदाम में उचित कीट-रोधी स्क्रीन नहीं थी और कुछ खाद्य संचालकों ने हेयर कैप और एप्रन नहीं पहने थे।
गोदाम में मिली मक्खियां
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को गोदाम के अंदर मक्खियां भी मिलीं और उन्होंने पाया कि गोदाम में सही पेस्ट कंट्रोल स्प्रे नहीं था तथा कुछ खाद्य पदार्थ रखने वाले लोगों ने कैप भी नहीं पहने थे। आपको बता दें कि ऐसा तब है जब गोदाम के पास लाइसेंस, खाद्य पदार्थों के संचालकों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड मौजूद हैं।
जोमैटो ने इस मामले पर नहीं दिया कोई जवाब
जोमैटो ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ये सभी निष्कर्ष इस वर्ष जून में टास्क फोर्स द्वारा हैदराबाद के पास मेडचल मलकाजगिरी जिले के देवर यमजाल में ब्लिंकिट गोदाम (जोमैटो के पास इंस्टेंट कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट का ओवनरशिप है) पर छापेमारी के बाद सामने आए हैं, जिसमें कई अन्य मुद्दों के अलावा अस्वच्छ परिसर, एक्सपायर हो चुकी वस्तुएं और संक्रमित खाद्य पदार्थ पाए गए थे।
इस मामले पर एनडीटीवी की एक अन्य रिपोर्ट में ब्लिंकिट के हवाले से कहा गया है, "हम सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को बहुत गंभीरता से लेते हैं। हम निष्कर्षों के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई लागू करने के लिए अपने गोदाम साझेदार और खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" इतना ही नहीं, इससे पहले हैदराबाद के पास मेडचल मल्काजगिरी जिले के देवर यमजल में एक ब्लिंकिट गोदाम पर जून में छापा मारा गया था। वहां पर भी एक्सपायर्ड आइटम को आपूर्ति के लिए तैयार किया जा रहा था और वहां भी संक्रमित भोजन मिला था।
कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिसमें लोगों ने जोमैटो के खाने को लेकर सोशल मीडिया पर कंप्लेन भी की है। दुख की बात है कि ऑनलाइन ऑर्डर करते समय सभी ग्राहकों का अनुभव अच्छा नहीं होता। कई बार फूड ऑर्डर करने की वजह से लोगों को बीमारी का भी सामना करना पड़ा है।
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