PSU Stocks to Buy: शेयर बाजार में आज 17 जनवरी को तेज करेक्शन देखने को मिल रहा. बाजार की कमजोरी में चुनिंदा शेयर फोकस में हैं. इसमें सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर भी शामिल है. कारोबारी सेशन में शेयरों में करीब 3% तक की बढ़त देखने को मिली. क्योंकि घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज यानी MOFSL ने पॉजिटिव नोट जारी किया है.

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2025 के लिए टॉप पिक है बीईएल

MOFSL ने 2025 के लिए BEL को अपने सबसे बेहतरीन स्टॉक में से एक बताया है. ब्रोकरेज फर्म ने शेयर पर खरीदारी की रेटिंग के साथ 360 रुपए का अपसाइड टारगेट दिया है. यह कल शेयर 276.15 रुपए के भाव पर बंद हुआ था. इस लिहाज से शेयर मौजूदा स्तरों से 30% से ज्यादा की संभावित बढ़त दिखा सकता है.

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कैसा है PSU स्टॉक फंडामेंटल?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में अपनी मजबूत स्थिति और रक्षा स्वदेशीकरण, आगामी बड़े रक्षा प्लेटफॉर्म ऑर्डर से फायदा उठाने की इसकी क्षमता के कारण बीईएल के बारे में आशावादी है.

बीईएल की मजबूत ऑर्डर बुक, जिसकी वैल्यू फाइनेंशियल ईय़र 2025 की दूसरी तिमाही के अंत तक 74,600 करोड़ रुपए था. मजबूत रेवेन्यू आउटलुक, स्थिर मार्जिन, प्रभावी वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और हेल्दी रिटर्न रेश्यो प्रदान करती है.

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पिछले साल के मुकाबले फाइनेंशियल ईयर 2025 में 10,300 करोड़ रुपए के कम ऑर्डर के बावजूद ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले महीनों में डिफेंस ऑर्डर में ग्रोथ से बीईएल को फायदा होगा.

हाल ही में डीएसी की मंजूरी इस सेक्टर का सपोर्ट करती है और रक्षा स्वदेशीकरण पर सरकार के जोर को दर्शाती है. बता दें कि बीईएल अपनी ऑर्डर बुक के भीतर एक्सपोर्ट और नॉन-डिफेंस प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है.

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बीईएल का फाइनेंशियल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म को FY24-27 के दौरान 17% की सालना बिक्री ग्रोथ, 18% की EBITDA ग्रोथ और 20% की प्रॉफिट ग्रोथ की उम्मीद है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि हमें उम्मीद है कि वर्किंग कैपिटल पर कंट्रोल के कारण वित्त वर्ष 25-27 के दौरान OCF/FCF मजबूत रहेगा.

शेयर को लेकर आगे के जोखिम

बीईएल के लिए जोखिमों में डिफेंस और नॉन-डिफेंस दोनों सेक्टर्स से ऑर्डर फ्लो में कमी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बड़े टेंडरों को अंतिम रूप देने में देरी, कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और रक्षा मंत्रालय (MoD) से भुगतान में देरी शामिल हैं. ब्रोकरेज के अनुसार ये फैक्टर्स रेवेन्यू एस्टिमेट्स, मार्जिन और कैश फ्लो पर निगेटिव असर डाल सकते हैं.

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(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक में निवेश की सलाह ब्रोकरेज फर्म की ओर से है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें. )