PM Modi inaugurated Surat Diamond Bourse: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हब 'सूरत डायमंड बोर्स' और सूरत हवाईअड्डे एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। सूरत डायमंड बोर्स को 3400 करोड़ रुपये से तैयार किया गया है। सूरत डायमंड बोर्स को 35.54 एकड़ भूमि पर तैयार किया गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा कार्यालय है। वहीं सूरत हवाई अड्डे का एकीकृत टर्मिनल भवन सूरत शहर के प्रवेश द्वार के रूप में तैयार किया गया है। इसका टर्मिनल भवन स्थानीय संस्कृति और विरासत के रूप में तैयार किया गया है।
जानकारी के अनुसार डायमंड बोर्स दुनिया की सबसे बड़ी इंटरकनेक्टेड इमारत है। इसमें 4,500 से अधिक इंटरकनेक्टेड कार्यालय हैं। इस इमारत में 175 देशों के 4,200 व्यापारियों को काम करने का मौका मिलेगा। यह कारोबारी पॉलिश किए गए हीरे खरीदने के लिए पूरी दुनिया से खरीदने के लिए सूरत आते हैं। सूरत डायमंड बोर्स से लगभग 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मीडिया रिपोर्ट को साझा करते हुए बताया था कि सूरत डायमंड बोर्स ने अब पेंटागन को पीछे छोड़ दिया है। पेंटागन पिछले 80 वर्षों से दुनिया की सबसे बड़ी कार्यालय इमारत मानी जाती रही थी। इस साल अगस्त में की सूरत डायमंड बोर्स की इमारत को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी कार्यालय इमारत के रूप में मान्यता दे दी गई थी।
सूरत डायमंड बोर्स अंतरराष्ट्रीय हीरे और आभूषण कारोबार के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक केंद्र माना जा रहा है। यह कच्चे और पॉलिश किए गए हीरों के साथ-साथ आभूषणों के व्यापार का एक वैश्विक केंद्र बन कर उभरेगा। आयात-निर्यात के लिए सूरत डायमंड बोर्स में अत्याधुनिक 'सीमा शुल्क निकासी गृह', खुदरा आभूषण व्यवसाय के लिए आभूषण मॉल और अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग और सुरक्षित वॉल्ट की सुविधा यहां पर दी जा रही है।
वहीं आज ही प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने सूरत हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी किया। यह टर्मिनल भवन व्यस्त घंटों के दौरान 1200 घरेलू यात्रियों और 600 अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। इसमें सर्वाधिक व्यस्त घंटों के दौरान की यात्रियों की क्षमता 3000 यात्रियों तक बढ़ाने का प्रावधान है। यहां पर वार्षिक प्रबंधन क्षमता 55 लाख यात्रियों तक बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
टर्मिनल भवन एक तरह से सूरत शहर का प्रवेश द्वार माना जा रहा है, इसलिए इसे स्थानीय संस्कृति और विरासत के साथ डिजाइन किया गया है। अत्याधुनिक टर्मिनल भवन के अग्रभाग को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि सूरत शहर के 'रांदेर' क्षेत्र के पुराने घरों की समृद्ध और पारंपरिक लकड़ी के काम का समृद्ध अनुभव यात्रियों के मिल सके।
हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, ऊर्जा बचत के लिए कैनोपी, गर्मी को कम करने वाली डबल ग्लेजिंग यूनिट, वर्षा जल संचयन, जल उपचार संयंत्र, सीवेज उपचार संयंत्र और भूनिर्माण और सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए पुनर्नवीनीकरण जल के उपयोग के अलावा अन्य दूसरी सुविधाओं से लैस है।
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