नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना (पीएमजीकेएवाई) भारत सरकार द्वारा मार्च 2020 में घोषित की गई एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना की शुरुआत देश में कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर की गई थी। दरअसल कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का गरीबों पर काफी बुरा असर पड़ा। इसिलए सरकार ने अपनी तरफ से गरीबों को फ्री राशन मुहैया करने के लिए ये योजना शुरू की थी। योजना का मकसद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से जरूरतमंदों के खाने आवश्यकता को पूरा करना है। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
अच्छी बात ये है कि पीएमजीकेएवाई के तहत अनाज लेने के लिए आपको राशन कार्ड की जरूरत नहीं है। बल्कि केवल आधार से ही जरूरतमंदों को राशन मिल सकता है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने जानकारी दी थी कि जो लोग इस योजना के तहत फ्री राशन लेना चाहते हैं उन्हें अपने आधार कार्ड के जरिए इस योजना के लिए पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण पर उन्हें एक स्लिप मिलेगी, जिसे दिखा कर मुफ्त अनाज हासिल किया जा सकता है। योजना के तहत 5 किलो गेहूं/चावल और 1 किलो चना मुफ्त दिया जाएगा।
इस योजना से देश के 80 करोड़ जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा। इस योजना की घोषणा 26 मार्च 2020 को तब की गई थी, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के मद्देनजर राष्ट्र को दिए गए पहले भाषण में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया था। शुरुआत में ये योजना अप्रैल से जून 2020 तक के लिए शुरू की गई थी, जिस पर 1.70 लाख करोड़ रुपये का खर्च आने की बात कही गई थी। पीएम मोदी के 30 जून को राष्ट्र के नाम संबोधन में इस योजना को नवंबर 2020 तक के लिए आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई। योजना को नवंबर तक बढ़ाने में 90000 करोड़ रु का अतिरिक्त खर्च आएगा।
बता दें कि दिल्ली सहित कई राज्यों और केंद्र शासित राज्यों ने नवंबर तक इस योजना को बढ़ाने के आदेश का पालन करते हुए मुफ्त राशन बांटना शुरू भी कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना जून 2020 के अंत में समाप्त होने वाली थी, मगर देश के दस राज्यों ने केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से योजना की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके लिए खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। बाद में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
प्रधानमंत्री ने इस योजना को सफल बनाने के लिए देश के किसानों और ईमानदार करदाताओं को धन्यवाद दिया था। 30 जून के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना के लाभ पर रोशनी डालते हुए कहा था कि सरकार ने सुनिश्चित किया कि कोई भी गरीब लॉकडाउन के दौरान खाली पेट न सोए। इसलिए हमने पीएम गरीब कल्याण योजना लॉन्च की। गरीब कल्याण योजना के लिए अनाज की खरीद के लिए 9 करोड़ किसानों को फंड ट्रांसफर किया गया।
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