नयी दिल्ली। जनवरी 2019 के बाद से बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरो में लगातार कटौती की है। असल में जनवरी 2019 के बाद से ही आरबीआई ने नीतिगत दर में 250 आधार अंकों या 2.5 प्रतिशत की कटौती की, जो बैंक एफडी की दरों में आई गिरावट की वजह बना। उधर पोस्ट ऑफिस की सभी बचत योजनाओं पर वित्त वर्ष 2020-21 की अक्टूबर-दिसंबर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। आखिरी बार इसी साल अप्रैल-जून में पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं की दरों में कटौती की गई थी। तब पोस्ट ऑफिस की दरें 1.4 फीसदी तक घटाई गई थीं। अब सवाल ये है कि यदि किसी निवेशक को बैंक एफडी और पोस्ट की टाइम/टर्म डिपॉजिट में किसी एक में पैसा लगाना है तो वो किसे चुने। हम यहां आपको इसी सवाल का जवाब जानने में मदद करेंगे और बताएंगे कि आपको कहां ज्यादा मुनाफा होगा।
पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट और बैंक एफडी की ब्याज दरों के बीच इस समय 0.6 से 1.3 फीसदी तक का अंतर है। आपको पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट में 0.6-1.3 फीसदी ब्याज मिलेगा। एसबीआई में बैंक एफडी दर एक साल के लिए 4.9% है। इसी अवधि के लिए जन स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे स्मॉल फाइनेंस बैंक 6.9% ब्याज दर मिल रही है। मगर ऐसे बैंक में जोखिम ज्यादा है। वहीं पोस्ट की टर्म डिपॉजिट पर आपको सरकारी गारंटी मिलती है और 1 साल की ही अवधि के लिए 5.5% की उच्च ब्याज दर मिलती है। पोस्ट ऑफिस 2 और 3 साल पर भी यही रिटर्न ऑफर करता है। बता दें कि अप्रैल में कटौती से पहले 1, 2 और 3 साल की सावधि जमाओं पर पोस्ट ऑफिस में 6.9% रिटर्न दिया जा रहा था। बड़े बैंकों के मुकाबले आपको यहां अभी भी ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 5 साल की अवधि पर भी आपको पोस्ट ऑफिस में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक से अधिक ब्याज मिलेगा।
बैंकों और पोस्ट ऑफिस में एक ही तरीके से टैक्स लगाया जाता है। यह निवेशक के इनकम टैक्स सिस्टम (नया या पुराना) चुनने और जिस टैक्स स्लैब में वो आता है उस पर निर्भर करेगा। मगर सवाल ये है कि टैक्स के बाद ज्यादा पैसा कहां बचेगा। एक ऐसे निवेशक के लिए जो 30% की आयकर स्लैब में हो टैक्स के बाद एसबीआई की 1-वर्षीय जमा पर 3.37 फीसदी और 5 वर्षीय जमा पर 3.71 फीसदी रिटर्न हासिल करेगा। वहीं पोस्ट ऑफिस में ये रिटर्न क्रमश: 3.78 फीसदी और 4.6 फीसदी होगा।
पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट सरकार की छोटी बचत योजनाओं का हिस्सा है। ये सॉवरेन गारंटी के साथ बहुत सुरक्षित है। दूसरी तरफ बैंक एफडी इंस्ट्रूमेंट्स 5 लाख रुपये की सीमा तक बीमित हैं। यानी आपका इतना ही पैसा बैंक एफडी में सेफ है। वैसे हाल ते उदाहरण देखें तो आरबीआई बैंकों को बचाने के लिए हमेशा आगे आया है। उसने कभी भी किसी बैंक को विफल नहीं होने दिया। मगर फिर भी अगर किसी बैंक के हालात खराब हों तो आरबीआई उस बैंक से पैसा निकालने पर लिमिट लगा देता है।
बैंक एफडी और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट दोनों में कुछ शर्तों के साथ मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। बैंक एफडी में कितने समय पहले आप पैसा निकाल सकते हैं ऐसी कोई पाबंदी नहीं होती। दूसरे ऐसा करने पर आपको कुछ ब्याज का नुकसान उठाना पड़ता है। मगर पोस्ट ऑफिस में पहले 6 महीनों के लिए पैसा नहीं निकाल सकते। 6 से 12 महीनों के दौरान पैसा निकालने पर आपको पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट की दर पर ब्याज मिलेगा। इस समय पोस्ट ऑफिस की सेविंग अकाउंट की बचत खाता ब्याज दर 4 फीसदी है।
खाता चलाने से यहां मतलब डिजिटल और ऑनलाइन से है। बैंक एफडी खाता बचत खाते से लिंक होता है। आप डिजिटल तरीके से खाते पर नजर रख सकते हैं, जबकि नेट बैंकिंग आदि जैसी सुविधाएं आपको पोस्ट ऑफिस में नहीं मिलती। इन दोनों में से बेस्ट ऑप्शन चुनने के लिए आप 5 चीजों पर ध्यान दे सकते हैं और अपनी सूहलियत के हिसाब से निवेश ऑप्शन चुन सकते हैं।
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