Post Office Account: पोस्ट ऑफिस यानी डाकघर की बचत योजनाएं देशभर में लाखों-करोड़ों लोगों के लिए एक भरोसेमंद निवेश विकल्प हैं। कई लोग अपनी बचत पेंशन या रिटायरमेंट फंड पोस्ट ऑफिस में निवेश करते हैं। लेकिन एक अहम सवाल है अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो जमा पैसा किसे और कैसे मिलता है?
इस सवाल का जवाब जानना जरूरी है ताकि मुश्किल समय में परिवार को बिना परेशानी पैसा मिल सके। चलिए आपको बताते हैं कि नॉमिनी हो या न हो, कैसे दावा किया जाता है और किन दस्तावेजों की जरूरत होती है।
अगर नॉमिनी पहले से जोड़ा गया हो
जब पोस्ट ऑफिस खाते में किसी व्यक्ति को नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) के रूप में जोड़ा गया हो, तो पैसे की निकासी की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है। नॉमिनी को कुछ ज़रूरी दस्तावेज पोस्ट ऑफिस में जमा करने होते हैं:
फॉर्म SBK 2 (क्लेम फॉर्म)
मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र
नॉमिनी का पहचान प्रमाण (ID प्रूफ)
अगर दावा 5 लाख रुपए से कम का है, तो ज्यादातर मामलों में पोस्ट ऑफिस अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग नहीं करता। नॉमिनी को राशि नकद, चेक या अपने पोस्ट ऑफिस खाते में जमा करवा कर मिल सकती है। सही दस्तावेज होने पर आमतौर पर 7 वर्किंग डेज में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
5 लाख रुपए से ज्यादा का दावा?
अगर जमा रकम 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तो सिर्फ नॉमिनी होने से पैसा नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में नॉमिनी को सिविल कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) लाना होता है। यह प्रमाणपत्र साबित करता है कि क्लेम करने वाला व्यक्ति वास्तव में कानूनी उत्तराधिकारी है। इस प्रक्रिया में समय और कानूनी खर्च भी लगता है।
अगर नॉमिनी नहीं जोड़ा गया हो
कई बार खाताधारक नॉमिनी नहीं जोड़ते। ऐसे में उनके परिवार के सदस्यों को पैसा निकालने के लिए थोड़ी लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। यह प्रक्रिया दो तरह की होती है, रकम के आधार पर।
5 लाख रुपए तक का दावा
इन दस्तावेजों की ज़रूरत होती है
फॉर्म SBK 2 (दावा फॉर्म)
SBK 3 (क्षतिपूर्ति पत्र)
SBK 4 और 5 (हलफनामा और अस्वीकरण पत्र)
मृतक का डेथ सर्टिफिकेट
वारिसों के ID प्रूफ और एड्रेस प्रूफ
स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कानूनी वारिस प्रमाण पत्र
अगर अन्य वारिस SBK 4 और 5 के जरिए अपनी हिस्सेदारी छोड़ देते हैं, तो सिविल कोर्ट से सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं होती।
5 लाख रुपए से ज्यादा का दावा
इस स्थिति में उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जरूरी होता है। इसके लिए अदालत में अर्जी देनी पड़ती है, जिसमें कानूनी प्रक्रिया और चार्ज लगता है।
अगर जॉइन्ट खाता नाम में हो
अगर खाता दो या ज्यादा लोगों के नाम पर था और उनमें से एक की मृत्यु हो जाती है, तो जीवित खाताधारक फॉर्म SBK 1 और मृतक का डेथ सर्टिफिकेट देकर अपने नाम पर खाता ट्रांसफर करा सकता है। जब तक कोई कानूनी विवाद न हो, अन्य दस्तावेजों की ज़रूरत नहीं होती।
कुछ जरूरी बातें जो याद रखें
खाता खोलते समय नॉमिनी जोड़ें। यह भविष्य में दावे की प्रक्रिया को बहुत आसान बना देता है। नॉमिनी की जानकारी समय-समय पर अपडेट करते रहें। याद रखें, नॉमिनी कानूनी वारिस नहीं होता। अगर परिवार में विवाद होता है, तो कानूनी वारिस नॉमिनी पर दावा कर सकते हैं। सभी दस्तावेज संभालकर रखें ताकि जरूरत के समय परेशानी न हो।
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