नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस-एससी) के लिए 59,048 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। इस कुल राशि में से 60 फीसदी पैसा यानी 35,534 करोड़ रु केंद्र सरकार खर्च करेगी, जबकि शेष राशि राज्य सरकारें वहन करेंगी। ये एससी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप स्कीम है। इस योजना से 4 करोड़ एससी छात्रों को फायदा होगा।

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सीधे खाते में आएगा पैसा

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करने के बाद कि संबंधित राज्य सरकार ने अपना हिस्सा जारी कर दिया है, केंद्र सरकार अपना हिस्सा डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) मोड पर सीधे छात्रों के बैंक खातों में एक तय समय पर भेजेगी। राज्य सरकार एक ऑनलाइन पोर्टल पर छात्र की पात्रता, जाति स्टेटस, आधार आइडेंटिफिकेशन और बैंक खाते की डिटेल वेरिफाई करेगी।

छात्रों को होगा लाभ

अनुसूचित जाति के छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 11वीं कक्षा से कोई भी पोस्ट-मैट्रिक कोर्स करने की सुविधा मिलेगी। यह मौजूदा ‘Committed Liability' सिस्टम को बदल देगी और इस महत्वपूर्ण योजना में केंद्र सरकार की अधिक भागीदारी होगी। कक्षा 10 पास करने वाले गरीब परिवारों के छात्रों को अपनी पसंद के हाई एजुकेशन कोर्स में दाखिला लेने के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा।

5 साल का है टार्गेट

योजना की शुरुआत 2021-22 से होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि योजना से गरीब परिवारों से संबंधित 1.36 करोड़ छात्र लाभान्वित होंगे। ये वे छात्र हैं जो कक्षा 10 से आगे की शिक्षा प्राप्त नहीं करते हैं। कुल मिलाकर पाँच वर्षों में 4 करोड़ छात्रों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अगले 5 सालों में केंद्र सरकार एससी छात्रों की एजुकेशन राष्ट्रीय स्टैंडर्ड तक पहुँचाना चाहती है।

मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाएगा

हर संस्था के सोशल ऑडिट, वार्षिक थर्ड-पार्टी वैल्युएशन और अर्ध-वार्षिक सेल्फ-ऑडिटेड रिपोर्ट के जरिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। केंद्रीय सहायता जो 2017-18 से 2019-20 के दौरान सालाना लगभग 1,100 करोड़ रुपये थी, इसे 5 गुना से अधिक बढ़ा कर 2020-21 से 2025-26 के लिए सालाना 6000 करोड़ रु किया जाएगा।

ऑनलाइन होगी स्कीम

योजना को मजबूत साइबर सिक्योरिटी उपायों के साथ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चलाया जाएगा जो पारदर्शिता, जवाबदेही, एफिशिएंसी और सहायता सुनिश्चित करेगा। जैसा बताया है कि राज्य ऑनलाइन पोर्टल पर छात्रों की पात्रता, जाति स्टेटस, आधार आइडेंटिफिकेशन और बैंक अकाउंट डिटेल का सत्यापन करेगी। बता दें कि सरकार की और भी कई स्कीम हैं, जिनके जरिए छात्र विदेश तक पढ़ाई के लिए जा सकते हैं। इनमें राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति, पढ़ो परदेस, यूजीसी की छात्रवृत्ति और सांस्कृतिक और शैक्षिक विनिमय कार्यक्रम छात्रवृत्ति शामिल हैं। इनमें राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना का फायदा एससी छात्र ले सकते हैं। इस योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय संभालता है। जनजातियों मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना से केवल एसटी कैटेगरी के होनहार छात्र ही फायदा ले सकते हैं।