Next Gen GST Reforms: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि नेक्स्ट Gen GST रिफॉर्म दिवाली तक लागू कर दी जाएगी। इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स राहत और अधिक सरल, सुलभ टैक्स सिस्टम हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दिवाली सभी भारतीयों के लिए एक बड़ा सरप्राइज इंतजार कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार त्यौहारी सीजन से पहले जीएसटी सुधारों की अगली पीढ़ी को लागू करेगी। उन्होंने कहा कि नियोजित सुधारों के तहत रोजाना यूज की वस्तुएं बहुत सस्ती हो जाएंगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इससे छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को लाभ होगा, और इस कदम को कंज्यूमर फ्रेंडली और बिजनेस फ्रेंडली बताया।
हालांकि भाषण के दौरान कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई। लेकिन यह घोषणा GST रेट सिस्टम के रिस्ट्रिक्टिंग के लिए चल रही व्यापक नीतिगत चर्चाओं के अनुरूप है। विशेष रूप से 12 प्रतिशत स्लैब को समाप्त करने और वस्तुओं को 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत श्रेणियों में फिर से आवंटित करने के प्रस्ताव के साथ।
भारत में GST रेट
भारत के मौजूदा GST फ्रेमवर्क में पांच प्राथमिक टैक्स रेट शामिल हैं - 0%, 5%, 12%, 18% और 28% - साथ ही कीमती धातुओं पर लागू 0.25% और 3% की विशेष दरें भी हैं। जीएसटी फ्रेमवर्क के विश्लेषण से पता चलता है कि लगभग 21% वस्तुएं 5% की श्रेणी में आती हैं, जबकि 19% पर 12% की दर से टैक्स लगता है।
सबसे बड़ी हिस्सेदारी, यानी 44% वस्तुओं पर 18% की दर से टैक्स लगता है। 28% की सबसे ऊंची रेट कुल वस्तुओं के केवल 3% पर लागू होती है, जो आमतौर पर लग्जरी और हार्मफुल वस्तुओं के लिए आरक्षित होती है।
आपको बता दें कि पीएम मोदी की ओर से यह घोषणा 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक से कुछ सप्ताह पहले की गई है, जिसमें रेट को रीजनेबल बनाने और अनुपालन पुनर्गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
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