PM Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुरू की गई पीएम-किसान योजना को बनाया गया, जिसके माध्यम से देश के कमजोर और छोटे किसानों वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया।

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इस योजना के जरिए से दो हेक्टेयर तक की ज़मीन के मालिक इस स्कीम का लाभ प्राप्त कर सकते है। इस योजना में 6000 रुपए की सालाना सहायता उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, इस राशि को 2000, रुपए की तीन किस्तों में दिया जाता है, जो सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, ताकि कम से कम देरी और किसी भी तरह की परेशानी न हो।

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इस योजना की 18वीं किस्त 05 अक्टूबर 2024 को जारी की गई थी। इस स्कीम के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपए बांटे गए थे, जिसमें सभी पात्र किसान को 2000 रुपए मिले थे। हालांकि, अब किसान अपनी 19वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को अपने बिहार के दौरे पर रहने वाले हैं इस दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की जाएगी।

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जमीन पर किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना

यह तय करने के लिए कि केवल पात्र किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकें, पात्रता और नामांकन स्थिति की जांच के लिए एक मजबूत तरीका बनाया गया है। PM-KISAN का लाभ उठाने की चाह रखने वाले किसान आधिकारिक योजना की वेबसाइट पर जा सकते हैं, लाभ मिलने वाली लिस्ट पर जा सकते हैं और अपनी जगह की पूरी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

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यह तरीका उन्हे यह जांच करने की इजाजत देता है कि उनका नाम लिस्ट में है या नहीं, जो उनकी पात्रता को दिखाता है। इसके अलावा ये लिस्ट आपके स्थानीय पंचायतों में उपलब्ध कराई जाती है, जिससे अलग अलग क्षेत्रों के किसानों के लिए पहुंच और भी आसान हो जाती है।

ईकेवाईसी के माध्यम से तरीके को मजबूत करना

सरकार ने इन भुगतानों की निरंतरता के लिए eKYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) के महत्व पर जोर दिया है। किसानों के पास अपना eKYC पूरा करने के लिए तीन विकल्प हैं: OTP (वन टाइम पासवर्ड)-आधारित, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और विभिन्न राज्य सेवा केंद्रों (SSK) पर बायोमेट्रिक-आधारित और मोबाइल फोन के माध्यम से अभिनव फेस-ऑथेंटिकेशन।

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OTP-आधारित eKYC के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जरूरत होती है, जबकि बायोमेट्रिक जांच देश भर में चार लाख से अधिक CSC और SSK पर किया जा सकता है। फेस-ऑथेंटिकेशन पद्धति का विकल्प चुनने वालों के लिए आधार फेस आरडी ऐप के साथ-साथ पीएम-किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड करना जरूरी है। यह तरीका eKYC जरूरतों की इजाजत करने के लिए एक सुविधाजनक और यूजर्स के सही तरीका उपलब्ध करता है, यह तय करती है कि किसानों को बिना किसी रुकावट के उनके लाभ मिलते रहें।