नई दिल्ली, जुलाई 20। केंद्र सरकार अगस्त-नवंबर के बीच पंजीकृत लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 12 वीं किस्त ट्रांसफर कर सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी करोड़ों रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त जारी करेंगे। पीएम-किसान योजना की इस वित्त वर्ष की पहली किस्त किसानों को 31 मई को मिली थी। पीएम किसान योजना के जो भी लाभार्थी हैं, उन्हें बारहवी किस्त अपने खाते में पाने के लिए केवाईसी अपडेट करानी होगी।

Advertisement

केवाईसी अपडेट कराना है जरूरी

12वी किस्त का भुगतान प्राप्त करने के लिए, किसानों को पीएम किसान ईकेवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। उसके बाद ही किसान के खाते में किस्त भेजी जाएगी। चलिए आपको केवाईसी की प्रक्रिया को समझाते हैं।

Advertisement
केवाईसी पूरा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया

1. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/NewHome3.aspx . पर जाएं
2. 'ईकेवाईसी' विकल्प पर क्लिक करें
3. अपना आधार कार्ड नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें और 'सर्च बटन' पर क्लिक करें
4. अब, आपको आधार कार्ड से जुड़ा आधिकारिक मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा
5. आधार नंबर दर्ज करने के बाद 'गेट ओटीपी' पर क्लिक करें, आपको अपने नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा
6. ओटीपी भरकर सबमिट बटन दबाएं।

ऑफलाइन कैसे होगा केवाईसी

1. अपने नजदीकी पीएम किसान सीएससी सेंटर पर जाएं।
2. पीएम किसान अकाउंट में अपना आधार अपडेट करवाएं
3. पीएम किसान खाते में लॉग इन करने के लिए अपना बायोमेट्रिक अपडेट करें
4. अब, आधार कार्ड नंबर को दिए गए स्थान पर भर दे
5. फॉर्म को केंद्र में जमा करें।
6. आपको अपने फोन पर केवाईसी अपडेट होने की जानकारी मिल जाएगी।

पीएम किसान की किस्त कैसे चेक करे


सरकार की आधिकारिक वेबसाइट - https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
अब होमपेज पर 'किसान कॉर्नर सेक्शन' के चुने
'लाभार्थी की स्टेटस' विकल्प को चुनें।
यहां से किसान अपने किस्त की जानकारी लें सकते हैं
सूची में किसान का नाम और उसके बैंक खाते में भेजी गई राशि होगी।
अब या तो अपना आधार नंबर या अकाउंट नंबर या मोबाइल नंबर डालें।
फिर 'डेटा प्राप्त करें' पर क्लिक करें

साल में तीन बार मिलती है राशि

किसानों को योजना के तहत तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आय सहायता प्राप्त होती है। 2 हेक्टेयर तक की संयुक्त भूमि/स्वामित्व वाले छोटे और सीमांत किसान परिवारों को सहायता प्रदान की जाती है।