नई दिल्ली, अप्रैल 22। किसानों के लिए मोदी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इससे किसान समुदाय को किसी न किसी तरह से मदद मिलती है। इनमें दो योजनाएँ ऐसी हैं, जो किसानों के बीच ज्यादा लोकप्रिय हैं। इनमें पीएम किसान योजना और प्रधानमंत्री मानधन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं की मदद से किसानों को साल में 42000 रु की मदद मिल सकती है। दोनों योजनाएं एक-दूसरे से अलग हैं लेकिन इनका उद्देश्य एक ही है किसानों की आर्थिक मदद। चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
छोटे किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए सरकार ने 2018 में एक नई केंद्रीय योजना शुरू की थी। ये है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसे आम तौर पर पीएम किसान योजना के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत किसानों को साल में तीन बार पैसे दिए जाते हैं ताकि वे अच्छी फसल और उचित पैदावार सुनिश्चित करने के लिए उनका इस्तेमाल कर सकें। यह किसानों को ऐसे खर्चों को पूरा करने के लिए साहूकारों के चंगुल में पड़ने से भी बचाती है।
पीएम किसान योजना के तहत, किसानों को 2,000 रुपये तीन किश्तें हर साल मिलती हैं। यानी उन्हें हर साल 6,000 रु की सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना ा पैसा सीधे किसान लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। इस समय करीब 11 करोड़ किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। पीएम किसान योजना के तहत 7 किस्तें ट्रांसफर की जा चुकी हैं।
प्रधानमंत्री किसान योजना वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की एक योजना है। अब तक 21 लाख से अधिक किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है। इस योजना के तहत किसानों को हर महीने 3000 रुपये की गारंटीड पेंशन मिलती है। अब इन दोनों योजनाओं के लाभ को जोड़ें तो सालाना 42000 रु किसानो को मिल सकते हैं।
पीएम किसान मानधन योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए किसानों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही उनके पास संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार दो हेक्टेयर तक की खेती योग्य भूमि होनी चाहिए। ये एक पेंशन योजना है। इसमें किसानों को मासिक आधार पर पैसा भी जमा करना होगा।
पीएम किसान मानधन योजना के पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है। यदि कोई किसान पीएम-किसान के लाभ का उठा रहा है तो उसे मानधन योजना के लिए अलग से कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। इसके अलावा इस योजना के तहत किसान सीधे पीएम-किसान योजना से प्राप्त पैसे में से योगदान करने का ऑप्शन चुन सकते हैं। इस तरह उन्हें सीधे अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। किसान किस आयु में इस पेंशन योजना में रजिस्ट्रेशन करते हैं उसी आधार पर उनका प्रीमियम तय होगा, जो 55 रु से 200 रु तक हो सकता है।
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