Pradhanmantri Jan Dhan Yojana: (PMJDY) के तहत अब तक कुल 52 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें 2.3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा धन राशि जमा हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किसनराव कराड ने राज्यसभा में पूछें गए सवाल पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 4.30 करोड़ PMJDY खातों में शून्य शेष राशि है, क्योंकि इस योजना के तहत न्यूनतम शेष राशि की कोई जरूरत नहीं है।
28 अगस्त 2014 को शुरू की गई PMJDY का उद्देश्य बचत खाते, धन प्रेषण, लोन, बीमा और पेंशन जैसी जरूरी वित्तीय सेवाओं तक सस्ती दरों पर पहुंच प्रदान करके वित्तीय समावेशन तय करना है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि नौ वर्षों में इन 52.90 करोड़ खातों में 228,940.78 करोड़ रुपए की धनराशि जमा है।
PMJDY को समझना
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) एक राष्ट्रीय मिशन है जिसे बुनियादी बचत और जमा खाते, धन प्रेषण, लोन, बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाएं किफायती दरों पर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। व्यक्ति किसी भी बैंक शाखा या बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बैंक मित्र) आउटलेट पर एक बुनियादी बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता खोल सकते हैं, जिसके लिए किसी अन्य खाते की आवश्यकता नहीं होती है।
डॉ. भागवत किसनराव कराड ने बताया कि PMJDY का प्राथमिक लक्ष्य व्यापक वित्तीय समावेशन तय करना है, ताकि हर वयस्क को बैंकिंग सुविधाओं और एक बुनियादी बैंक खाते तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन खातों में न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
PMJDY के लाभ
इस योजना के कई लाभ हैं, बैंकिंग सेवाओं से वंचित व्यक्तियों के लिए न्यूनतम बची राशि की जरूरत के बिना एक बुनियादी बचत बैंक खाता खोलना, जमाराशि पर ब्याज अर्जित करना; 1 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा कवर के साथ RuPay डेबिट कार्ड प्राप्त करना (28 अगस्त, 2018 के बाद खोले गए नए खातों के लिए इसे 2 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है) तथा पात्र खाताधारकों के लिए 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री जन धन योजना खाते प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं।
वित्त मंत्रालय के बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि 10 साल पहले अपनी शुरूआत के बाद से इस योजना ने देश भर में लाखों बैंक खातों में सफलतापूर्वक महत्वपूर्ण धनराशि जमा कराई है। इस पहल ने वित्तीय सेवाओं को उन लोगों के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो पहले बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे, जिससे जमीनी स्तर पर आर्थिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिला है।
न्यूनतम शेष राशि की जरूरत न होने से सभी आर्थिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के लिए वित्तीय तनाव के बिना अपने खाते को बनाए रखना आसान हो जाता है। PMJDY बैंकिंग को सभी के लिए लाभकारी बनाकर पूरे भारत में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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