राज्यसभा के प्रश्नकाल में पीएम जनधन योजना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मंगलवार को विपक्ष दल ने बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. राज्यसभा का यह प्रश्नकाल दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक चला था. विपक्षी दल का कहना है कि पिछले 5 सालों में बैंको ने योजना के लाभार्थियों से न्यूनतम राशि ना रखने पर 85,00 करोड़ रुपये पेनल्टी के रुप में लिए है.

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मंगलवार को राज्यसभा में दोपहर 12 बजे से प्रश्नकाल शुरू हुआ था. विपक्षी दल ने सवाल उठाया है कि पिछले 5 सालों में बैंको पर न्यूनतम राशि ना रखने पर ग्राहकों से 85,00 करोड़ रुपये का जुर्माना लिया है. वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात को खारिज किया है.

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम जनधन योजना के तहत सेविंग अकाउंट में न्यूनतम राशि रखने की कोई आवश्यकता नहीं है. बैंक केवल उन मामलों में जुर्माना लगाता है, जब ग्राहक अपने अन्य खातों में न्यूनतम राशि रखने में विफल रहते हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, " पीएम जनधन के तहत न्यूनतम राशि रखने का कोई नियम नहीं है. प्रधानमंत्री जन धन खातों और गरीब लोगों के लिए बुनियादी खातों पर लागू नहीं होता है. बैंकों द्वारा पेनल्टी केवल उन लोगों से ली गई है, जिनकी न्यूनतम राशि एक निश्चित स्तर पर होनी चाहिए.

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वहीं पिछले महीनें वित्त राज्य मंत्री पकंज चौधरी ने पिछले महीने लोकसभा में यह जानकारी दी थी कि बैंकों ने वित्त वर्ष 2023-24 में अकाउंट में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर जुर्माने के रुप में ग्राहकों से 2,331 करोड़ रुपये लिए है.

पीएम जनधन योजना क्या है?

बीजेपी सरकार ने इस योजना की शुरूआत 15 अगस्त 2014 को की थी. इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को बैंकिग सेवा प्रदान करना है, जिनका बैंक खाता नहीं खुला है. इस योजना के तहत सभी लाभार्थियों को फ्री बैंकिग सुविधा दी जाएगी. इस योजना के तहत बैंक खुलवाने पर सरकार 10 हजार रुपये भी देता है.

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इसके अलावा इस योजना के तहत लाभार्थियों को किसी भी दुर्घटना के समय वित्त सहायता प्रदान करने के लिए 1 लाख रुपये बीमा का मिलता है.