नयी दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत उत्तर प्रदेश में 6.1 लाख लाभार्थियों को 2,691 करोड़ रु जारी किए। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ये वित्तीय सहायता जारी की। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। पीएम मोदी ने इस मौक पर कहा कि हमने पिछली सरकारों के शासन के दौरान की स्थिति देखी है। मैं विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बारे में बात कर रहा हूं, गरीबों को विश्वास नहीं था कि सरकार घर बनाने में उनकी मदद कर सकती है। पिछली आवास योजनाओं के तहत जिस तरह के मकान बनाए गए थे, वे किसी से छिपे नहीं हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में ही लगभग 2 करोड़ घर तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.25 करोड़ घरों की चाबियां लोगों को सौंपी गई हैं। इन मकानों को बनाने के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 1.50 लाख करोड़ रु की मदद दी है। पीएम मोदी ने 2022 तक 'सभी के लिए आवास' (Housing For All) का ऐलान किया था, जिसके लिए 20 नवंबर 2016 को पीएमएवाई-जी नाम से एक प्रमुख कार्यक्रम शुरू किया गया। अब तक इस योजना के तहत देश भर में 1.26 करोड़ घर पहले ही बन चुके हैं।
पीएमएवाई-जी के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रु और पहाड़ी राज्यों में 1.30 लाख रु का 100 फीसदी अनुदान दिया जाता है। पहाड़ी इलाकों में उत्तर पूर्वी राज्य, कठिन क्षेत्र, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अकुशल श्रम मजदूरी का सपोर्ट भी दिया जाता है और शौचालय बनाने के लिए 12,000 की सहायता दी जाती है। शौचालय के लिए इन लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, मनरेगा या किसी अन्य फंडिंग सोर्स के तहत मदद दी जाती है।
योजना में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और जल जीवन मिशन के तहत सुरक्षित पेयजल पहुंचाए जाने का भी प्रावधान है। आज पीएम मोदी ने 2020-21 के तहत पीएमएवाई-जी के 5.3 लाख लाभार्थियों को घर बनाने की पहली किस्त और बाकी 80,000 लाभार्थियों को दूसरी किस्त का पैसा दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने ग्रामीणों के लिए के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च की थी। इस ऐप को आप गूगल प्ले से डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर की मदद से इसमें लॉगइन करें। फिर आपको एक ओटीपी मिलेगा। ओटीपी से लॉगइन करें और जरूरी डिटेल दर्ज करें। आपकी तरफ से दी गई जानकारी के आधार पर ही सरकार ये तय करेगी कि आपको बेनेफिट मिल सकता है या नहीं। जिन लोगों को इसका फायदा मिल सकता है उनके नाम वेबसाइट पर डाल दिए जाते हैं।
ऊपर बताए गए तरीके से आप आवेदन करने के बाद अपना नाम लाभार्थियों की लिस्ट में चेक कर सकते हैं। ये काम आप पीएमएवाई-जी की वेबसाइट (https://pmaymis.gov.in/) पर जाकर कर सकते हैं।
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