Pradhan Mantri Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना का इन दिनों देश भर में सर्वेक्षण चल रहा है। देश में 2 करोड़ आवास को बनाने की इजाजत मिलने के बाद अब जरूरी सर्वेक्षण किया जाएगा और इस योजना का लाभ लेने वाले लोगों की नई लिस्ट बनाई जाएगी। भारत सरकार की ये योजनाएं लोगों के लिए लाभकारी योजनाएं हैं।
सरकार ने अब इस योजना का सर्वेक्षण करवाने का फैसला किया है, जिसके लिए एक खास ऐप की शुरुआत की है जिसके माध्यम से अब लाभार्थी खुद इस ऐप में अपना सर्वेक्षण कर सकते हैं। आवास प्लस के माध्यम से अब आसानी के साथ इस योजना में अपना सर्वेक्षण खुद से कर सकते हैं।
इस तकनीक से होगा सर्वेक्षण
ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार ट्रांसपेरेंसी को बनाए रखना है जिससे सर्वेक्षण करने वाले को सर्वेक्षण किए जाने वाले में दोनों के लिए उनके चेहरे की जांच इस तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य देश के करोड़ों लोगों को पक्के घर देने का लक्ष्य है जोकि कमियाब भी हुआ है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार पता चला कि कई बार हमे शिकायतें मिलती थी कि उनका काम सही से नहीं हो रहा है, जिसको देखते हुए आवास प्लस ऐप को शुरू किया गया जिसके माध्यम से सभी लोग आसानी से सर्वेक्षण कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता कुछ सर्वेक्षण करने में छूट जाते हैं वो लोग अपना सर्वेक्षण खुद से करके अपलोड कर सकते हैं।
आपको पता होना चाहिए एक व्यक्ति एक ही बार सर्वेक्षण का हिस्सेदार बन सकता है और आधार के जरिए जांच होगी। पूरे देश भर में सर्वेक्षण करने के लिए 2.60 लाख लोगों को लगाया गया है जिनका कुछ समय पहले ही प्रशिक्षण पूरा हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0
प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी 2.0 योजना का फायदा सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) निम्न आय वर्ग (एलआईजी) मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) परिवार को मिलता है। इसमें वे लोग शामिल होंगे जिनके पास देश में कहीं भी अपना कोई पक्का घर नहीं है। इसके अलावा इसमें ईडब्ल्यूएस की कैटेगरी में 3 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवार के लोग आते हैं।
3 लाख रुपए से 6 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को एलआईजी और 6 लाख रुपए से 9 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों को एमआईजी के तौर पर रखा गया है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) निम्न आय वर्ग (एलआईजी) को उनके पहले घर के निर्माण/खरीद के लिए बैंकों/हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) प्राथमिक लोन संस्थानों से लिए गए किफायती आवास लोन पर क्रेडिट रिस्क गारंटी का लाभ प्रदान करने के लिए क्रेडिट रिस्क गारंटी फंड ट्रस्ट (सीआरजीएफटी) का कॉर्पस फंड 1,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
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