नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में देश में आये एफडीआई या विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में बढ़ोतरी हुई। इस बात की जानकारी लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दी है। गोयल का जवाब कांग्रेस सांसद अब्दुल खालेक के एक सवाल के जवाब में आया है कि क्या भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश 2018-19 में पिछले वर्षों की तुलना में कम हुआ है। गोयल ने क्वेसशन आर में बताया की पिछले सालों के मुकाबले 2018-19 में भारत में एफडीआई में बढ़ोतरी हुई है। गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में 62 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जबकि 2017-18 में कुल एफडीआई 60.97 अरब डॉलर का रहा था। वहीं 2015-16 में यह 55.56 अरब डॉलर रहा था।
किन क्षेत्रों में एफडीआई
बता दें कि जिन देशों से भारत को अधिक एफडीआई मिला है, उनमें मॉरिशस, सिंगापुर, नीदरलैंड, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इन्फ्रा, ऑटोमोटिव, फार्मा, सर्विसेज, रेलवे, केमिकल, टेक्सटाइल और एयरलाइन में काफी एफडीआई आता है। भारत में कई सेक्टरों में 100% तक एफडीआई की छूट है। भारत सरकार ने एफडीआई इन्फ्लो को बढ़ाने के लिए एफडीआई नीति में संशोधन किया था।
क्या होता है एफडीआई
किसी एक देश की कंपनी का दूसरे देश की कंपनी या सेक्टर में किये गये निवेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश या एफडीआई कहते हैं। इस तरह के निवेश से निवेशक को दूसरे देश की कंपनी के मैनेजमेंट में कुछ हिस्सेदारी मिलती है। आम तौर पर किसी निवेशक के निवेश को तब एफडीआई का दर्जा मिलता है, जब वो कम से कम 10% शेयरों की लेन-देन करे।
यह भी पढ़ें - टेलीकॉम कंपनियाँ देंगी एक और झटका, डेटा के लिए तय होगा मिनिमम टैरिफ
More Articles
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति