देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर बड़ा उछाल आया है। पेट्रोल के दाम 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब कीमतें बढ़ी हैं। 15 मई से अब तक कुल बढ़ोतरी 7.50 रुपये के पार पहुंच चुकी है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिख रहा है।

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सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतों में बदलाव कर रही हैं। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ गया है। बार-बार बढ़ते दामों से आम जनता और ट्रांसपोर्टर्स दोनों परेशान हैं। महंगाई के इस दौर में हर छोटी बढ़ोतरी आम आदमी का बजट बिगाड़ रही है। अब ज्यादातर परिवारों को अपने महीने के खर्च और सफर के बजट पर फिर से विचार करना होगा।

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ताजा बढ़ोतरी के बाद आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

शहर का नामपेट्रोल (रुपये/लीटर)डीजल (रुपये/लीटर)
नई दिल्ली104.2193.31
मुंबई110.1598.45
चेन्नई105.8095.12
कोलकाता108.4596.25

लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर बढ़ती कीमतों की दोहरी मार पड़ रही है। ट्रक कंपनियां जल्द ही माल ढुलाई (freight charges) बढ़ा सकती हैं, जिससे लंबी दूरी की डिलीवरी महंगी हो जाएगी। जब ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है, तो दुकानदार भी इसका बोझ ग्राहकों पर ही डालते हैं। ऐसे में घर की जरूरतों का सामान और महंगा होने की आशंका है। कारोबारियों के लिए भी अब मुनाफा बचाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि रोजमर्रा के खर्च बढ़ते जा रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी इन बढ़ती कीमतों पर पैनी नजर रखे हुए है। ईंधन महंगा होने से थोक और खुदरा महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। अगर महंगाई तय लक्ष्य से ऊपर रही, तो ब्याज दरों में कटौती का इंतजार और लंबा हो सकता है। इसका सीधा असर आपकी EMI और बचत पर पड़ेगा। निवेशकों को अब केंद्रीय बैंक के अगले कदमों और बयानों पर ध्यान देना चाहिए।

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डीजल की बढ़ती कीमतों का महंगाई और ट्रांसपोर्ट पर असर

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राज्यों के वैट (VAT) का भी बड़ा रोल होता है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दरें अलग होने की वजह से पड़ोसी शहरों में भी कीमतों में काफी अंतर दिखता है। उम्मीद है कि कुछ राज्य टैक्स घटाकर जनता को राहत दे सकते हैं, हालांकि फिलहाल ज्यादातर राज्यों ने अपने बजट को संभालने के लिए टैक्स स्लैब ऊंचे ही रखे हैं। जब भी कीमतें बढ़ती हैं, जनता अक्सर राज्य सरकारों से टैक्स कम करने की मांग करती है।

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आने वाले दिनों में बस-ऑटो के किराए और हवाई टिकटों के दाम भी बढ़ सकते हैं। घर से निकलने से पहले अपने शहर के पेट्रोल पंप की दरें जरूर चेक कर लें। करीब 8 रुपये की यह कुल बढ़ोतरी आने वाले मुश्किल वक्त का संकेत है। राहत तभी मिलेगी जब ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई सुधरेगी। अपने खर्चों को सही ढंग से मैनेज करने के लिए डेली प्राइस अपडेट्स पर नजर रखें।