नयी दिल्ली। इस समय पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से जनता परेशान है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल के रेट 100 रु प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। आम तौर पर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर भारत में ईंधन की कीमतें तय होती हैं। मगर इस वक्त क्रूड ऑयल के रेट काफी नीचे हैं, बावजूद इसके पेट्रोल 100 रु प्रति लीटर पर है। एक लीटर क्रूड की कीमत के हिसाब से पेट्रोल इस समय करीब 4 गुना कीमत पर बिक रहा है। आखिर इसकी क्या वजह है कि बीते सालों में क्रूड ऑयल के गिरते दामों के बावजूद भारत में पेट्रोल सस्ता नहीं हो रहा, आइए जानते हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, कमीशन और अन्य शुल्क से यह सुनिश्चित होता है कि देश में ईंधन के रेट में बहुत कमी न आए। ऐसा तब भी होता है जब अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें गिर जाएं। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी हैं। इसका मतलब है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं, तो खुदरा में कीमतें कम होनी चाहिए। लेकिन ज्यादातर बार ऐसा नहीं होता है।
मौजूदा कीमतों के आधार पर इस समय एक लीटर क्रूड ऑयल का रेट 25 रु के आस-पास है। जबकि पेट्रोल का रेट देश के अलग-अलग हिस्सों में 90 से 100 रु प्रति लीटर तक हैं। यानी जनता को क्रूड ऑयल के मुकाबले 4 गुना तक पैसे देने पड़ रहे हैं। बैरल (1 बैरल में करीब 159 लीटर होता है और इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की माप इसी में होती है) में देखें तो इस समय क्रूड का रेट 55 डॉलर है, जबकि पेट्रोल 100 रु प्रति लीटर है। 2013 में क्रूड ऑयल 110 डॉलर प्रति बैरल पर था, मगर पेट्रोल का रेट तब 76 रु प्रति लीटर था।
5 मई, 2020 को कच्चे तेल की कीमत 28.84 रुपये प्रति लीटर से घट कर 14.75 रुपये रह गयी थी, तो सरकार ने पेट्रोल पर रिकॉर्ड 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से एक्साइज ड्यूटी लगा दी थी। सरकार ने ऐसा 1.6 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त इनकम हासिल करने के लिए किया। उस समय यह तीन महीने के अंदर दूसरी बढ़ोतरी थी।
राजस्थान के बाद लगातार दसवें दिन ईंधन के रेट में बढ़ोतरी के कारण गुरुवार को मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई। ब्रांडेड या एडिटिव-लेस पेट्रोल, जिस पर हाई टैक्स लगता है, ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में कुछ स्थानों पर पहले ही 100 रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था। अब रेगुलर पेट्रोल बुधवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर के बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश में 100 रु का आंकड़ा पार कर गया।
अब समझते हैं कितना टैक्स आपको पेट्रोल पर देना पड़ता है। दिल्ली का उदाहरण लेते हैं, जहां रिफाइनरियां कच्चा तेल 29.34 रुपये प्रति लीटर पर खरीदती हैं। ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनीज) डीलर से 29.71 रुपये वसूलती है और केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी के रूप में 32.98 रुपये वसूलती है। डीलर फिर 3.69 रुपये का कमीशन जोड़ते हैं। इसके बाद राज्य का वैट या सेल्स टैक्स 19.92 रुपये होता है। अंत में उपभोक्ता पेट्रोल पंप पर 89-90 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करता है।
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