नयी दिल्ली। सरकारी बैंक प्राइवेट बैंकों के मुकाबले ज्यादा सस्ता लोन देते हैं। उदाहरण के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पांच साल की अवधि के लिए 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन 8.9 फीसदी की ब्याज दर पर देते हैं। बैंकबाजार.कॉम के अनुसार इसके बाद नंबर आता है पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का, जो 8.95 फीसदी ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर करता है। अगर आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो जानिए बाकी बैंकों की ब्याज दर। साथ ही जानते हैं कि पर्सनल लोन पर आपकी ईएमआई कितनी होगी।
इस समय बैंकिंग सिस्टम में ब्याज दरें कम हैं। इसीलिए पर्सनल लोन की दरें भी आपको कम लग सकती हैं। मगर हकीकत यह है कि गोल्ड लोन जैसे सिक्योर्ड लोन की तुलना में पर्सनल लोन काफी महंगा है। गोल्ड लोन जैसे सुरक्षित लोन की ब्याज दरें 7 प्रतिशत से शुरू होती हैं। पर्सनल लोन की ब्याज दरें अधिक इसलिए हैं, क्योंकि ये अनसिक्योर्ड लोन हैं।
अगर आप 5 साल की अवधि के लिए 5 लाख रु का पर्सनल लोन लें तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ब्याज दर 8.90 फीसदी होगी। इसी तरह इतनी ही राशि और अवधि के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी 8.90 फीसदी, पीएनबी में 8.95 फीसदी, इंडियन बैंक 9.05 फीसदी, पंजाब एंड सिंध बैंक में 9.50 फीसदी, आईडीबीआई बैंक में 9.50 फीसदी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 9.55 फीसदी, एसबीआई में 9.60 फीसदी, बैंक ऑफ बड़ौदा में 10 फीसदी और यूको बैंक में 10.05 फीसदी ब्याज दर होगी।
अगर आप 5 साल की अवधि के लिए 5 लाख रु का पर्सनल लोन लें तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आपकी ईएमआई 10,355 रु होगी। इसी तरह इतनी ही राशि और अवधि के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी ईएमआई 10355 रु ही होगी। वहीं पीएनबी में 10367 रु, इंडियन बैंक 10391 रु, पंजाब एंड सिंध बैंक में 10501 रु, आईडीबीआई बैंक में 10501 रु, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 10513 रु, एसबीआई में 10525 रु, बैंक ऑफ बड़ौदा में 10624 रु और यूको बैंक में 10636 रु ईएमआई होगी।
प्रमुख प्राइवेट बैंकों में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक दोनों ही 10.5 प्रतिशत ब्याज दर पर पर्सनल लोन देते हैं। एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की पर्सनल लोन पर क्रमशः 10.49 फीसदी और 10.75 फीसदी ब्याज दर है। अगर आपने एंडॉव्मेंट इंश्योरेंस पॉलिसीज, ईपीएफ, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), स्टॉक और म्यूचुअल फंड आदि पर लोन ले लिया हो या आपके पास इनमें से कोई ऑप्शन न हो तो ही पर्सनल लोन लें। इनमें किसी भी ऑप्शन पर आपको सस्ता लोन मिलेगा।
यदि आप म्यूचुअल फंडों पर डिजिटल लोन लेते हैं तो आप ऑनलाइन किसी भी बैंक के पास अपने म्यूचुअल फंडों को गिरवी रख कर तुरंत ओवरड्राफ्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसका अहम फायदा ये है कि आपको म्यूचुअल फंड योजनाओं को बेचने की जरूरत नहीं होती। हालांकि यदि आप लोन का भुगतान नहीं करते हैं तो बैंक पैसा रिकवर करने के लिए गिरवी रखी गई म्यूचुअल फंड इकाइयों को उचित तरीके से डील कर सकता है।
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