नयी दिल्ली। लॉन्च के बाद से ही देश में पेटीएम का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में साल दर साल काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। पेमेंट के मामले सरल और सुगम सुविधा देने वाले इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल छोटी दुकानों तक में होता है। मगर अब पेटीएम ने अपने यूजर्स को नये साल में एक झटका देने की तैयारी कर ली है। पेटीएम ने अपने वॉलेट में पैसे डालने के नियमों में बदलाव किया है। अब से आपको क्रेडिट कार्ड से अपने पेटीएम वॉलेट में पैसे डालने पर शुल्क चुकाना होगा। यह नियम 28 दिसंबर से शुरू हुआ है। अगर आप भी डिजिटल पेमेंट के लिए पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। नये साल में आपको अपने पेटीएम वॉलेट में पैसे डालना महंगा पड़ेगा। अगर आप अपने पेटीएम वॉलेट में किसी एक महीने में 10,000 रुपये से ज्यादा डालते हैं तो आपको 1.75 फीसदी जुर्माना चार्ज देना होगा। हालांकि यह चार्ज क्रेडिट कार्ड से एक महीने में 10,000 रुपये डालने पर ही लगेगा।

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ऐसे रिचार्ज पर कोई चार्ज नहीं

जहां आपको किसी महीने क्रेडिट कार्ड से पेटीएम वॉलेट में 10000 रुपये से अधिक डालने पर चार्ज भी देना पड़ेगा, वहीं डेबिट कार्ड और यूपीआई से वॉलेट रिचार्ज करने पर आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। मगर ध्यान रहे कि क्रेडिट कार्ड से 10000 रुपये से अधिक पर आपक 1.75 फीसदी के साथ जीएसटी का भुगतान अलग से करना होगा। इस समय पेटीएम के 35 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जो पेटीएम के नये कदम से प्रभावित होंगे। शुल्क से बचने के लिए आप क्रेडिट कार्ड के अलावा दूसरों तरीकों का इस्तेमाल करना होगा।

ऐसे लगेगा शुल्क

जानकारी के लिए बता दें कि यदि आप किसी महीने में अपने पेटीएम वॉलेट में क्रेडिट कार्ड से 12,000 रुपये डालते हैं तो यह शुल्क पूरे 12,000 रुपये पर ही लगेगा। इसका साफ अर्थ है कि आपको 240 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। एक बात और कि आपके क्रेडिट कार्ड से 12000 रुपये की जगह 12,240 रुपये कटेंगे, मगर आपको अपने वॉलेट में 12,000 रुपये ही दिखेंगे। 10000 रुपये से अगर आप 1 रुपये अतिरिक्त डालें तो आपको सारे पैसों पर शुल्क देना होगा। इसलिए यदि आप क्रेडिट कार्ड से रिचार्ज भी करें तो चार्ज से बचने के लिए 10000 रुपये की लिमिट का ध्यान रखें।

पहले ही लगा सकती थी चार्ज

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं जब पेटीएम ने इस तरह के शुल्क पर विचार या लागू किया। पिछले साल भी पेटीएम ने इस मामले पर विचार किया था, मगर तब कंपनी को शुल्क लगाना मुनासिब नहीं लगा। जाहिर सी बात है नये फैसले से पेटीएम के उपयोगकर्ता बड़ी संख्या में प्रभावित होंगे। क्योंकि टैक्सी, होटल, छोटी दुकानों और यहां तक की मोबाइल रिचार्ज और फास्टैग के लिए भी बहुत लोग पेटीएम का ही इस्तेमाल करते हैं।

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