नयी दिल्ली। भारत में ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। मगर अब इन प्लेटफॉर्मों पर होने वाले धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। पेटीएम जैसे डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए नये-नये उपाय कर रहे हैं। इसी कड़ी में पेटीएम ने नयी सर्विस शुरू की है, जिससे आपका डिजिटल पेमेंट सिस्टम काफी सुरक्षित रहेगा। पेटीएम के नये सेफ्टी फीचर पर बात करने से पहले बता दें कि पेटीएम पेमेंट की तरफ से हाल ही में गृह मंत्रालय, ट्राई और सीईआरटी-इन को 3500 मोबाइल नंबरों की एक लिस्ट सौंपी है। कंपनी ने इन नंबरों के खिलाफ एफआईआर भी करवाई है। पेटीएम ने शक जताया है कि इन्हीं नंबरों के इस्तेमाल से ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। यानी ग्राहकों को फंसाने के लिए इन्हीं नंबरों से कॉल की गयी। इसके अलावा पेटीएम ने अब एक नया सेफ्टी फीचर पेश किया है।

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पेटीएम पेमेंट बैंक का नया फीचर

पेटीएम पेमेंट बैंक ने एक नया खास फीचर शामिल किया है। ये नया फीचर उपयोगकर्ताओं को उनके मोबाइल पर "संदिग्ध" ऐप का विश्लेषण करेगा, जिनके जरिये धोखाधड़ी हो सकती है। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को ऐसे ऐप के बारे में अलर्ट करके उसे अनइंस्टॉल करने की सलाह देगा। यानी यह फीचर आपके मोबाइल पर किसी भी संदिग्ध ऐप के बारे में पहले ही सूचित कर देगा ताकि किसी फर्जी ऐप के जरिये आपके साथ धोखाधड़ी न हो। ये फीचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। इसके अलावा आप भी अंजान कॉल और एसएमएस से सावधान रहें।

नहीं हो सकेगी ट्रांजेक्शन

नया फीचर आपको संदिग्ध ऐप के बारे में अलर्ट करेगा और आपको इस ऐप को अनइंस्टॉल करने के लिए कहेगा। मगर यदि आपने उस ऐप अपने मोबाइल से नहीं हटाया तो आप पेटीएम से कोई लेन-देन नहीं कर सकेंगे। लेन-देन पर धोखाधड़ी के खतरे के स्तर को देखते हुए AI (पेटीएम का नया फीचर) या तो इसे धीमा कर देगा या भुगतान पूरा होने से रोकता है। एआई को विशेष रूप से धोखेबाजों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न घोटालों के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। वैसे ध्यान रखें कि कोई ऐप आप प्ले स्टोर का ही इस्तेमाल करें। इधर-उधर से ऐप न डाउनलोड करें।

200 एक्सपर्ट्स की टीम

पेटीएम ने अपने बयान में बताया है कि इसके पास हर यूजर की लेन-देन की चौबीस घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 200 से अधिक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम है। यह टीम सभी राज्यों और केंद्रीय पुलिस बलों और साइबर-सेल के साथ-साथ दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर काम करती हैं ताकि तत्काल कार्रवाई के लिए फर्जी लेनदेन का पता लगा कर उन्हें रोक सकें और उनकी रिपोर्ट कर सकें। धोखाधड़ी से बचने के लिए आप भी लालच देने वाले मैसेज, ईमेल और कॉल को इग्नोर करें। अपना कोई ओटीपी या पिन किसी के साथ साझा न करें।

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