नयी दिल्ली। यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को देश के पहले कॉर्पोरेट बॉन्ड एक्सचेंज की लॉन्चिंग का रास्ता साफ कर दिया है। मोदी सरकार ने बॉन्ड मार्केट का विस्तार करने और इस बाजार में रिटेल निवेशकों को शामिल करने के लिए भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को मंजूरी दे दी। यह भारत का पहले डेब्ट ईटीएफ होगा, जिसका मैनेजमेंट इडेलवाइज एसेट मैनेजमेंट के हाथ में होगा। इस बॉन्ड ईटीएफ को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट किया जायेगा। भारत बॉन्ड ईटीएफ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों या किसी दूसरे सरकारी संगठन की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन्हीं कंपनियों द्वारा जारी किये गये बॉन्ड के माध्यम से पैसे की व्यवस्था करेगा। भारत बॉन्ड ईटीएफ की घोषणा करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि ईटीएफ पीएसयू और कंपनियों और दूसरे सरकारी संगठनों को पूँजी मुहैया करवायेगा। अभी इसमें दो मैच्योरिटी अवधि होंगी, जिनमें 3 साल और 10 साल शामिल है। बता दें कि भारत बॉन्ड ईटीएफ को पेश किये जाने से पहले सरकार और सरकारी कंपनियों के बाकी शेयरहोल्डर्स के बीच 2 साल तक बातचीत का दौर चला है। इस फंड की घोषणा 2018 के बजट में पूर्व वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली ने की थी।
भारत बॉन्ड ईटीएफ पर क्लोज-एंडेड म्यूचुअल फंड की तरह निश्चित मैच्योरिटी अवधि होगी। भारत बॉन्ड ईटीएफ में एएए रेटेड वाली कंपनियों को शामिल किया जायेगा, जबकि का यूनिट मूल्य 1,000 रुपये रखा जाएगा। अभी इसमें दो मैच्योरिटी अवधि होंगी, जिनमें एक 2023 और दूसरी 2030 की है। मगर इनमें केवल ग्रोथ ऑप्शन विकल्प मिलेगा। इन योजनाओं पर डिविडेंड ऑप्शन नहीं होगा। इसके 3 साल वाले वेरिएंट में 13 कंपनियाँ होंगी, जिनमें आरईसी, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट और पीएफसी इसकी शीर्ष तीन कंपनियाँ होंगी। वहीं 10 वाले वेरिएंट में 12 कंपनियाँ होंगी, जिसमें तीन मुख्य कंपनियाँ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारतीय रेलवे वित्त निगम और आरईसी होंगी।
भारत बॉन्ड ईटीएफ में सीधे निवेश के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होगी, क्योंकि ईटीएफ को केवल स्टॉक एक्सचेंजों पर ही लाया जा सकता है। मगर एक रास्ता होगा जिसके जरिये आप बिना डीमैट खाते के इसमें निवेश कर सकेंगे। दरअसल भारत बॉन्ड ईटीएफ की प्रबंधक इडेलवाइज की म्यूचुअल फंड यूनिट एक फंड ऑफ फंड्स म्यूचुअल फंड योजना शुरू करेगी। इस योजना के जरिये निवेशकों से जुटायी गयी सारी पूँजी को भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेश किया जायेगा। आपको बता दें कि 0.0005 फीसदी के व्यय अनुपात के साथ भारत बॉन्ड ईटीएफ सबसे सस्ता म्यूचुअल फंड होगा।
डेब्ट ईटीएफ से पहले सरकार इक्विटी ईटीएफ लॉन्च कर चुकी है। इनमें पहला 2014 और दूसरा 2017 में लॉन्च किया गया, जो काफी सफल रहे। इनमें 2017 में भारत-22 ईटीएफ लॉन्च किया गया था, जिसमें 22 सरकारी कंपनियाँ और बैंक शामिल हैं। इनमें ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, एसबीआई, भारत पेट्रोलियम, कोल इंडिया, नाल्को, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, एनबीसीसी, एनटीपीसी, एनएचपीसी, एसजेवीएनएल, गेल, पावर ग्रिड और एनएलसी इंडिया शामिल हैं। वहीं एसबीआई, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा भी भारत-22 में मौजूद हैं।
यह भी पढ़ें - सुंदर पिचाई बने गूगल की मूल कंपनी एल्फाबेट के सीईओ
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान