ITR : अगर आपने 30 जून तक अपना पैन को आधार से लिंक नहीं कराया है तो फिर 1 जुलाई से आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो गया है। आपके पैन कार्ड का निष्क्रिय होने का एक परिणाम यह है कि आप 31 जुलाई से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) नहीं फाइल कर सकते हैं।

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यह इस वजह से क्योंकि अगर आप जुर्माना चुका भी देते है, तो फिर भी आपको आपके पैन कार्ड को एक्टिव होने पर 1 महीने का वक्त लगेगा और आईटीआर को फाइल करने की समय सीमा 1 महीने से भी कम की बची है।

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अगर आप आईटीआर को 31 जुलाई तक नहीं दाखिल करते हैं तो आपको लेट आईटीआर को दाखिल करना होगा। इसको विलंबित आईटीआर कहा जाता है। इसके तहत जो आयकर दाता होता है। उसको लेट फीस के साथ आईटीआर फाइल करना होता है।

ऐसे में अगर आप पैन कार्ड 31 जुलाई के बाद एक्टिव होता है तो फिर आपको विलंबित आईटीआर दाखिल करना होगा यानी आपको जो जुर्माना भरना होगा। इसमें एक जुर्माना जो पैन कार्ड को एक्टिव कराने के लिए दिए है और दूसरा जुर्माना जो विलंबित आईटीआर दाखिल करके के लिए भरना होगा।

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अगर आपकी कुल आय 5 लाख रु से अधिक है तो फिर आपको विलंबित आईटीआर दाखिल करने के लिए जुर्माने के रूप में 5,000 रु का जुर्माना देना होगा। अगर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय है तो फिर आपको 5 हजार रु लेट फीस चुकाना पड़ सकता हैं। इसके साथ ही पैन से आधार को लिंक कराने का जुर्माना 1 हजार रु हैं आपको ऐसे में कुल 6 हजार रु का नुकसान होगा।

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हालांकि, कुल आय 5 लाख रु से अधिक नहीं होने पर 1 हजार रु का जुर्माना देना होता है यानी ऐसे लोगों को 6 हजार रु की जगह केवल 2 हजार रु का भुगतान करना होगा।

अगर आप पैन और आधार से लिंक करने के लिए पहले 1 हजार रु का जुर्माने का भुगतान किया है यानी आपने 30 जून तक पैन को आधार से लिंक करवा लिया है तो ही आप आईटीआर फाइल कर पाएंगे।

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ट्विट के अनुसार, अगर आप 30 जून तक पैन को आधार से लिंक करवाने के लिए जुर्माना भर दिया है और आपका पैन आधार से लिंक नहीं हुआ है तो फिर इस पर विभाग की तरफ से विचार किया जाएगा।