नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2020-21 खत्म हो गया। बीता वित्त वर्ष कोरोना संकट के बावजूद शेयर बाजार के लिए बहुत बढ़िया रहा। सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार मजबूती हासिल की। इस बीच कई सेक्टर ऐसे रहे, जिनकी कंपनियों की परफॉर्मेंस धमाकेदार रही। इनमें आईटी और फार्मा सेक्टर शामिल है। फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में काफी तेजी देखी गयी, जिसका सीधा फायदा इनके निवेशकों को मिला। जिन फार्मा कंपनियों ने निवेशकों का तगड़ा मुनाफा कराया उनमें ऑर्किड फार्मा शामिल है। आइए जानते हैं निवेशकों को इस शेयर से कितना फायदा हुआ है।
ऑर्किड फार्मा का शेयर बीते एक महीने में 178.5 फीसदी ऊपर चढ़ा है। 1 मार्च को यह शेयर 929.4 रु पर था। जबकि शुक्रवार 1 अप्रैल को कंपनी का शेयर 2588.40 रु पर बंद हुआ। यानी ऑर्किड फार्मा का शेयर सीधे-सीधे 178.5 फीसदी मजबूत हुआ। अगर किसी निवेशक के पास ऑर्किड फार्मा के 2 लाख रु के शेयर हों तो उसे 1 महीने में 3.57 लाख रु फायदा हुआ होगा और उसकी कुल निवेश राशि 5.57 लाख रु हो गयी होगी।
एफडी पर इस समय अधिकतर बैंक सालाना 6-7 फीसदी ब्याज ऑफर कर रहे हैं। 1 महीने की ब्याज दर तो और भी कम है। 1 महीने पर आपको 3-3.5 फीसदी से अधिक ब्याज नहीं मिलेगा। अगर 3.5 फीसदी ब्याज भी माना जाए तो ऑर्किड फार्मा के शेयर का 178.5 फीसदी रिटर्न इससे 51 गुना रहा। आगे जानिए बाकी अवधियों का रिटर्न।
1 जनवरी को ऑर्किंड फार्मा का शेयर 132.4 रु पर था। अब यह 2588.4 रु पर है। यानी ऑर्किड फार्मा का शेयर तीन महीनो में 1855 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर किसी ने 3 महीने पहले 1 लाख रु का निवेश किया हो तो उसकी निवेश राशि इस समय 19.55 लाख रु हो गयी है। यानी सीधे-सीधे 18.55 लाख रु का फायदा।
शुक्रवार को ऑर्किड फार्मा का शेयर 2465.15 रु के पिछले बंद स्तर की तुलना में सुबह बढ़ोतरी के साथ 2588.40 रु पर बंद हुआ। आखिर में भी यह 123.25 रु या 5 फीसदी की तेजी के साथ 2588.40 रु पर ही बंद हुआ। इस रेट पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 10,564.92 करोड़ रु है। 3 नवंबर को ऑर्किड फार्मा का शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर रीलिस्ट हुआ था। तब से लेकर अब तक इस शेयर ने रोज ऊपरी सर्किट छुआ है। ऊपरी सर्किट का मतलब है कि उस दिन शेयर ऊपरी सर्किट स्तर से और ऊपर नहीं जा सकता है। यानी ये दिन का सबसे ऊंचा स्तर होता है। ऑर्किड फार्मा का शेयर लगातार 5 महीनों से ऊपरी सर्किट स्तर छू रहा है।
ऑर्किड केमिकल्स चेन्नई में स्थित एक भारतीय दवा कंपनी है। इसकी स्थापना 1 जुलाई 1992 को की गयी थी। इसके संस्थापक हैं कैलाशम राघवेंद्र राव, जो आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र हैं। 1992 में ऑर्किड ने कारोबार शुरू करने के लिए एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अगले साल 1993 में यह एक पब्लिक कंपनी बन गई। आर्किड के मुख्य प्रोडक्ट एक्टिव फार्मास्यूटिकल इन्ग्रीडीअन्ट्स हैं।
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