नई दिल्ली, मार्च 30। सरकार इस हफ्ते देश की टॉप तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी में अपनी 1.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। ये हिस्सेदारी सरकार ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए बेचेगी। करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ओएनजीसी का ओएफएस ला रही है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि सरकार द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) 30 और 31 मार्च को खुला रहेगा। यानी आपके पास ऑएफएस में इसके शेयर खरीदने का कल और मौका होगा। पर आपको बता दें कि ओएनजीसी के शेयर आपको 54 फीसदी तक मुनाफा करा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
ओएनजीसी ओएफएस के लिए फ्लोर प्राइस 159 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। जबकि आज कंपनी का शेयर 161.80 रु पर बंद हुआ है। यानी यदि आप कल ओएफएस के जरिए ओएनजीसी के शेयरों को खरीदते हैं तो आपको ये सस्ता मिलेगा। 159 रु की कीमत मंगलवार को बीएसई पर ओएनजीसी के 171.05 रुपये के स्टॉक क्लोजिंग प्राइस से 7 प्रतिशत कम है।
ऐलान किया गया था कि प्रमोटर (सरकार) 30 मार्च, 2022 को (गैर-खुदरा निवेशकों को) कंपनी के 94,352,094 इक्विटी शेयर (कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 0.75 प्रतिशत) बेचेगी। वहीं कल 31 मार्च, 2022 को (खुदरा निवेशकों को) 94,352,094 अतिरिक्त इक्विटी शेयर (ओवरसब्सक्रिप्शन के मामले में) बेचने का विकल्प है।
ओएनजीसी में सरकार की 60.41 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो भारत के कुल तेल और गैस का आधा उत्पादन करती है। ओएफएस में, कम से कम 25 प्रतिशत शेयर म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित हैं जबकि 10 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हैं। खुदरा निवेशकों को एक व्यक्तिगत निवेशक के रूप में परिभाषित किया जाता है जो 2 लाख से अधिक शेयरों के लिए बोली नहीं लगाता है। फाइलिंग में कहा गया है कि ओएनजीसी के कर्मचारी 5 लाख रुपये तक के इक्विटी शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, ओएफएस में बेचे गए इक्विटी शेयरों का 0.075 प्रतिशत कट-ऑफ मूल्य पर योग्य कर्मचारियों को दिया जाएगा।
एक मशहूर ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने ओएनजीसी के शेयर के लिए 263 रु का टार्गेट रखा है। यानी ओएनजीसी का शेयर आगे 263 रु तक जा सकता है। अब यदि आप ओएनजीसी के ओएफएस में 159 रु पर शेयर खरीद लेते हैं और इसका शेयर प्राइस 263 रु तक जाता है तो आपको आराम से 65.4 फीसदी रिटर्न मिलेगा।
ओएनजीसी भारत सरकार के स्वामित्व वाली कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी है। इसका पंजीकृत कार्यालय नई दिल्ली में है। यह देश में सबसे बड़ी सरकारी स्वामित्व वाली तेल और गैस एक्सप्लोरेशन और उत्पादन कंपनी है, और भारत के कच्चे तेल का लगभग 70% (देश की कुल मांग के लगभग 57% के बराबर) और प्राकृतिक गैस का लगभग 84% उत्पादन करती है। नवंबर 2010 में, भारत सरकार ने ओएनजीसी को महारत्न का दर्जा प्रदान किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए भारत सरकार द्वारा एक सर्वेक्षण में, इसे भारत में सबसे अधिक लाभ कमाने वाली सरकारी कंपनी का स्थान दिया गया।
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