नयी दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि 1 जनवरी 2020 से सरकार की 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना शुरू हो जायेगी। वन नेशन, वन राशन कार्ड बड़े पैमाने पर प्रवासी और दिहाड़ी ग्रामीणों को कवर करेगा। वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना का सबसे बड़े फायदा यह होगा कि योग्य लाभार्थी एक ही राशन कार्ड के इस्तेमाल से देश में किसी भी फेयर प्राइस शॉप (एफपीएस) से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज ले सकेंगे। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' कार्यक्रम के तहत अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी पूरी तरह से ऑनलाइन ईपीओ (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल) डिवाइस वाले एफपीएस के माध्यम से ही उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने यह जानकारी मंगलवार को लोकसभा में दी।

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फर्जी राशन कार्ड पर लगेगी लगाम
पासवान ने कहा है कि नये सिस्टम से फर्जी राशन कार्ड पर लगाम लगेगी। साथ ही इस योजना के जरिये लाभार्थी स्वतंत्र होंगे और किसी एक पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहेंगे। उनके मुताबिक वन नेशन वन राशन कार्ड से लोगों की राशन दुकान के मालिकों पर निर्भरता घटेगी, जिससे भ्रष्टाचार कम होगा। सरकार इस योजना के अंतर्गत पूरे देश में सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगायेगी, ताकि हर दुकान पर राशन मिलने की सुविधा हो। इस समय आंध्र प्रदेश और हरियाणा सहित बहुत से राज्यों में 100 फीसदी दुकानों पर पीओएस मशीनें लग चुकी हैं। जो राज्य 100 फीसदी पीओएस मशीनों की जानकारी देगा, उसे वैसे ही इस योजना में शामिल कर लिया जायेगा।

आधार होगा जरूरी
इस नये राशन कार्ड वे मजदूर जो देश में एक जगह से दूसरी जगह काम के लिए जाते हैं उन्हें बहुत फायदा होगा। क्योंकि वे किसी भी राज्य में काम करने के लिए जायें, एक ही राशन कार्ड से राशन ले सकेंगे। पासवान ने लोकसभा को बताया कि ईपीओएस उपकरणों पर बायोमेट्रिक / आधार प्रमाणीकरण के बाद यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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