Olympics 2024: दुनिया के कई बेहतरीन एथलीट इस समय पेरिस में 1924 के बाद से आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में भाग ले रहे हैं। फ्रांस की राजधानी उत्साह से भरी हुई है, दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों से भरे हुए हैं। वास्तव में, Olympics 2024 को करीब से देखने के लिए लाखों लोग पेरिस आ चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओलंपिक वाकई मेजबान शहरों के लिए एक अच्छा सौदा है? वैसे तो मेज़बान शहर लगभग हमेशा ही खेलों पर अपना बजट खर्च कर देते हैं, उन्हें खास खेल सुविधाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों और पर्यटकों के लिए जगह और परिवहन पर भी भारी निवेश करना पड़ता है। आइए इससे जुड़ी आपको पूरी डिटेल्स देते हैं।

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बजट से ज्यादा हो चुका है खर्च

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साल 2021 में टोक्यो खेलों की अनुमानित लागत 15.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर (£12 बिलियन) थी, जो प्रस्तावित बजट से 244% अधिक थी और चार साल पहले भी ऐसा हुआ था जब रियो ओलंपिक की लागत शुरुआती प्रस्ताव से 352% अधिक थी।

खेलों के आयोजन के लिए संभावित मेजबान शहरों और सरकारों को यह गारंटी देनी होती है कि वे इतना खर्च उठाएंगे। इसलिए, घरेलू ओलंपिक के वित्तीय बोझ को देखते हुए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पिछले एक दशक में खेलों की मेजबानी के लिए Formal Bids की संख्या में लगातार गिरावट आई है।

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2004 के एथेंस ओलंपिक की मेजबानी के लिए कुल 11 शहरों ने आवेदन किया था। इसके बाद 2008 में बीजिंग के लिए दस और 2012 में लंदन के लिए नौ शहरों ने आवेदन किया था। वहीं, 2016 ओलंपिक की मेज़बानी सिर्फ़ चार बोलियों में से रियो को मिली, 2020 की मेज़बानी तीन में से टोक्यो को मिली और 2024 खेलों की मेज़बानी के लिए सिर्फ़ दो शहरों ने आवेदन किया।

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इस घटती रुचि के कारण अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आई.ओ.सी.) ने बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के, 2028 ओलंपिक की मेजबानी लॉस एंजिल्स को सौंप दी थी।

पेरिस में इन चीजों पर किया जा रहा है फोकस

आमतौर पर इस तरह का बड़ा आयोजन किसी भी शहर के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आता है क्योंकि पर्यटन को बढ़वा मिलने के साथ-साथ वित्तीय रूप से शहर मजबूत भी बनता है। भले ही शहर को अपने बजट से थोड़ा अधिक खर्च करना पड़े। आर्थिक प्रभाव अध्ययन से पता चलता है कि पेरिस 2024 €10.7 बिलियन का आर्थिक लाभ पैदा कर सकता है और 250,000 नौकरियां पैदा कर सकता है।

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उदाहरण के लिए, लंदन 2012 ओलंपिक ने नई सुविधाएं, आवास और परिवहन संपर्क प्रदान किए थे। खेलों के दस साल बाद किए गए एक सर्वे में, लंदन के दो-तिहाई युवा इस बात से सहमत थे कि ओलंपिक की मेज़बानी ने एक सकारात्मक विरासत छोड़ी है।

आईओसी के लिए अगले कदम

आईओसी ने अब संभावित मेज़बान शहरों के लिए कम सार्वजनिक अभियान चलाकर अपनी मेज़बान बोली की प्रक्रिया में सुधार किया है। साल 2021 में, ब्रिसबेन ने 2032 खेलों की मेजबानी का अधिकार जीता और इस नए प्रसोसे से गुजरने वाला पहला शहर बना।

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इस बदलाव के पीछे यह कारण भी था कि शहरों को आपस में ही कंपटीशन का रूप लेने से रोका जाए, जिससे पहले अत्यधिक खर्च होता था। शहर को खेलों के अनुकूल होने के बजाय, आईओसी ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में खेलों को शहर के फेवर में बनाने पर अधिक जोर दिया जाएगा।

साल 2028 में लॉस एंजिल्स के लिए योजना यह है कि हर स्थल या तो पहले से मौजूद हो या अस्थायी हो, जिसका खर्च पर कम प्रभाव पड़ना चाहिए।

हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ओलंपिक कभी भी पैसे कमाने का जरिया नहीं रहा है। यह ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा एक आयोजन है, जिसका उद्देश्य प्रतिभा को बढ़ावा देना, सम्मान और दोस्ती को अधिक करना है।