ऑनलाइन टैक्सी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी ओला कैब्स को लेकर एक खबर आई है. कंपनी ने कहा कि अब कैब्स में ओला मैप्स का इस्तेमाल होगा. अब तक कंपनी गूगल मैप्स का इस्तेमाल कर रही थी. इससे कंपनी को भारी फायदे की संभावना है. इसके तहत हर साल 100 करोड़ रुपए तक की बचत हो सकती है. ओला ग्रुप के को-फाउंडर और चेयरमैन भाविश अग्रवाल ने इसकी जानकारी दी है.

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हर साल बचेंगे 100 करोड़

भाविश अग्रवाल ने कहा कि पिछले महीने एज्योर से बाहर निकलने के बाद पूरी तरह से गूगल मैप्स के बाहर निकल गए हैं. इसके लिए हम 100 करोड़ रुपए तक खर्च करते थे, जोकि इस महीने बिना खर्च के हुआ. क्योंकि हमने ओला मैप्स का इस्तेमाल किया है. इससे खर्च शून्य हो गया. उन्होंने कहा कि आप ओला एप्स को चेक करें और जरूरत पड़े तो उसे अपडेट करें.

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माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी तोड़ा नाता!

गूगल मैप्स से पहले ओला ग्रुप ने माइक्रोसॉफ्ट से नाता तोड़ने का ऐलान किया था. कंपनी ने 3 महीने पहले ही माइक्रोसॉफ्ट के साथ AI से जुड़े रिश्ते तोड़ा था. कंपनी ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ डील खत्म करके इन-हाउस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फर्म क्रुट्रिम को सौंप दिया था. ओला ग्रुप के चेयरमैन और को-फाउंडर भाविश अग्रवाल ने 11 मई को सोशल मीडिया पोस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर के साथ रिलेशन तोड़ने का ऐलान किया था.

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इन-हाउस AI का इस्तेमाल

ओला ग्रुप की कंपनी AI कंप्यूट के अलावा ओला मैप्स डेवलपर्स को मैपिंग और लोक्शन बेस्ड सर्विसेज के साथ-साथ लोकेशन इंटेलीजेंश सर्विसेज प्रोवाइड करने का इंटेंट रखती है. ओला ग्रुप ने साल 2021 के अक्टूबर महीने में जियोस्पोक कंपनी का अधिग्रहण किया था.

फिलहाल तो ओला मैप्स कंपनी प्रमुख कारोबार ओला कैब्स के लिए मैपिंग की जरूरतें पूरा करती है. कंपनी ने इसी साल जनवरी में एक सॉफ्टवेयर अपडेट के हिस्से के रूप में इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए ओला मैप्स को रोल आउट करने का ऐलान किया था.