Nykaa Share Price: बीएसई पर Nykaa की पैरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures के शेयर करीब 4.44% गिरकर 202.40 रुपये पर आ गए है। इस गिरावट के पीछे एक अहम खबर है। कंपनी के निवेशक हरिंदरपाल सिंह बांगा और इंद्रा बांगा अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने वाले हैं।

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ब्लॉक डील के जरिए इतने करोड़ शेयर्स का लेनदेन

हिस्सेदारी बेचने से उन्हें करीब 1,200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। गुरुवार को ब्लॉक डील के जरिए करीब 6 करोड़ शेयरों का लेन-देन होने की तैयारी है, जो कंपनी की करीब 2.3% हिस्सेदारी है। ईटी नॉउ की रिपोर्ट के अनुसार, इस शेयर बिक्री की पहले से ही उम्मीद थी क्योंकि रिपोर्ट्स में बताया गया था कि शुरुआती निवेशक हरिंदरपाल सिंह बांगा और इंद्रा बांगा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाने की योजना बना रहे हैं। यह डील करीब 1,200 करोड़ रुपये की बताई जा रही है।

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ये है शेयरों का फ्लोर प्राइस

डील से पहले जो टर्म शीट सामने आई थी, उसके मुताबिक करीब 6 करोड़ शेयर यानी Nykaa की कुल हिस्सेदारी का 2.1% बेचा जाएगा। इन शेयरों का फ्लोर प्राइस 200 रुपये रखा गया है, जो 2 जुलाई को शेयर के क्लोजिंग प्राइस 211.59 रुपये से करीब 5.5% कम है।

आज डील पूरी होने की उम्मीद

यह पूरी डील सेकेंडरी सेल है यानी इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। इस डील को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs (India) Securities और JP Morgan India संभाल रहे हैं। जो भी रकम मिलेगी, वह सीधे शेयर बेचने वाले निवेशकों को जाएगी। यह डील आज 3 जुलाई को पूरी होने की उम्मीद है और 4 जुलाई को इसका सेटलमेंट होगा। शेयर बेचने वाले निवेशकों और उनके सहयोगियों पर 45 दिनों का लॉक-इन पीरियड लगाया गया है, यानी इस दौरान वे और शेयर नहीं बेच सकते।

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FPI भी इस डील में हिस्सा लेंगे

हालांकि डील का कोई ऑफिशियल प्राइस अभी तय नहीं किया गया है। निवेशक अपनी बिड डिमांड के हिसाब से लगाएंगे और अंतिम प्राइस एक्सचेंज के स्क्रीन-बेस्ड सिस्टम के जरिए तय होगा। बुक्स 3 जुलाई को सुबह 7:30 बजे तक बंद हो जाएंगी। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) इस डील में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन भारतीय कानूनों के तहत उपलब्ध लिमिट के मुताबिक ही अलॉटमेंट होगा।

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इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिक्री में कुछ नियम भी हैं, रिटेल निवेशक इसमें हिस्सा नहीं ले सकते और अमेरिका व कनाडा में भी यह डील सिर्फ चुने हुए बड़े संस्थागत निवेशकों तक ही सीमित रहेगी। योग्य खरीदारों को प्लेसमेंट एजेंट्स के साथ एक इन्वेस्टर रिप्रेजेंटेशन लेटर भी साइन कर लौटाना होगा।

यह कदम दिखाता है कि Nykaa के अहम शेयरधारक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी से पैसा निकालने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, खासकर ऐसे वक्त में जब Nykaa के शेयरों में थोड़ी रिकवरी दिखी है और भारत के कंज्यूमर-टेक सेक्टर में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।