NTPC Green Energy IPO Subscription: निवेश के लिए एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का आईपीओ खुल गया है. रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा करीब डेढ़ गुना सब्सक्राइब हो चुका है. हालांकि, कुल आईपीओ अभी 39 फीसदी ही भरा है. आईपीओ में बोली लगाने की आखिरी तारीख 22 नवंबर, शुक्रवार है. इससे पहले 21 नवंबर को एंकर निवेशकों ने 3960 करोड़ रुपए का निवेश किया. इसमें 108 रुपए के भाव पर 36,66,66,666 शेयर जारी किए.

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एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, सरकारी कंपनी एनटीपीसी की सब्सिडियरी है. कंपनी ने 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ लॉन्च किया है. आईपीओ के लिए102 से 108 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड फिक्स किया गया है.

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एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी आईपीओ सब्सक्रिप्शन स्टेटस

कैटेगरी सब्सक्रिप्शन (गुना)
QIBs 0.00
NIIs 0.17
रिटेल 1.47
कर्मचारी 0.19
कुल 0.36

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी आईपीओ जीएमपी

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी आईपीओ खुल गया है. इसको लेकर ग्रे मार्केट में अच्छे संकेत हैं. GMP फिलहाल 80 पैसे प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है. यह हल्की मजबूत लिस्टिंग के संकेत दे रहा. इस लिहाज से शेयर पर 108.80 रुपए के भाव पर लिस्टिंग के संकेत दे रहा है. Investorgain.com के मुताबिक एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का जीएमपी 12 नवंबर को 9 रुपए पर था. इससे पहले 9 नवंबर को GMP 25 रुपए था.

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एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी आईपीओ

  • 19 से 22 नवंबर तक खुला रहेगा
  • प्राइस बैंड: 102-108 रुपए प्रति शेयर
  • लॉट साइज: 138 शेयर
  • इश्यू साइज: 10,000 करोड़ रुपए
  • लिस्टिंग डेट: 27 नवंबर

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी आईपीओ की डीटेल

सरकारी कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जीज का आईपीओ मंगलवार से खुल गया है. रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी की योजना आईपीओ के जरिए 10000 करोड़ रुपए जुटाने की है. इसमें 10 रुपए के फेस वैल्यू से नए शेयर जारी किए जाएंगे. खास बात ये है कि आईपीओ में कर्मचारियों के लिए कुछ हिस्सा रिजर्व होगा. साथ ही प्रति शेयर 5 रुपए का डिस्काउंट भी मिलेगा. आईपीओ में ओएफएस नहीं है.

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दमदार है सरकारी कंपनी का कारोबार

FY24 में बिजली उत्पादन और ऑपरेटिंग क्षमता के लिहाज से एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, देश की सबसे बड़ी सरकारी रिन्युएबल एनर्जी कंपनी है. यह कंपनी ऊर्जा मंत्रालय के तहत आती है. 30 जून 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का पोर्टफोलियो 14,696 मेगावॉट का रहा, जिसमें 2,925 मेगावॉट का ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स और कॉन्ट्रैक्ट या मिले 11,771 मेगावॉट के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इसके अलावा 10,975 मेगावॉट का प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं.