नई दिल्ली, मार्च 5। देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज एनएससी पूर्व एमडी एंड सीईओ चित्रा रामकृष्ण को बड़ा झटका लगा है। आज यानी शनिवार को अदालत ने उनके अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। ऐसे में चित्रा रामकृष्ण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि विशेष सीबीआई अदालत ने को-लोकेशन मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका आज खारिज कर दी। मालूम होगा कि चित्रा पर हिमालयन योगी के इशारे पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का संचालन करने और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है।

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रामकृष्ण ने अपने वकील के माध्यम से अपनी गिरफ्तारी से राहत की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनकी याचिका का अभियोजन पक्ष ने विरोध किया था। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। 24 फरवरी को सीबीआई ने एनएसई के पूर्व ग्रुप संचालन अधिकारी आनंद सुब्रमण्यम को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें छह मार्च तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। NSE Scam : गिरफ्तार सुब्रमण्यम कहीं 'हिमालय का योगी' तो नहीं

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एनएसई धोखाधड़ी की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) रहस्यमय हिमालयी योगी तक पहुंचने के लिए नए सुराग खोजने का प्रयास कर रही है, जिसके साथ रामकृष्ण ने गोपनीय सूचनाएं साझा की थीं। अन्स्र्ट एंड यंग (ई एंड वाई) की फोरेंसिक रिपोर्ट में पता चला कि सुब्रमण्यम रहस्यमय योगी हो सकते हैं। सेबी ने 11 फरवरी को इसका खंडन किया था। सीबीआई सुब्रमण्यम से पूछताछ में जुटाए गए सबूतों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। यह मई 2018 से मामले की जांच कर रहा है लेकिन रहस्यमय हिमालयी योगी की पहचान करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है।

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2013 में रामकृष्ण एनएसई के सीईओ और एमडी बनी
हाल ही में, सेबी ने रामकृष्ण पर 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, जब बाजार नियामक ने पाया कि उसने कथित तौर पर योगी के साथ एनएसई के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की थी। वहीं मि‍ली जानकारी के मुताब‍िक संगठनात्मक संरचना, लाभांश परिदश्य, वित्तीय परिणाम, मानव संसाधन नीतियों और संबंधित मुद्दों, नियामक की प्रतिक्रिया आदि के बारे में जानकारी योगी के साथ साझा की गई थी। 1 अप्रैल 2013 को रामकृष्ण एनएसई के सीईओ और एमडी बने। वह 2013 में सुब्रमण्यम को अपने सलाहकार के रूप में एनएसई में ले आईं।