नई दिल्ली, अगस्त 6। आईटीआर फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2022 थी जो निकल चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक 5.83 लाख से ज्यादा करदाताओं ने आईटीआर फाइल किया है। लेकिन आप यदि क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन करते है तो नए आयकर नियमो के मुताबिक आपको क्रिप्टो से होने वाली आय को भी आईटीआर में बताना जरूरी है। यदि आप आईटीआर में क्रिप्टो से हुए लेनदेन का ब्यौरा देना भूल गए है तो आप रिवाइज आईटीआर फाइल करने का समय अभी भी बचा हुआ है। आप रिवाइज आईटीआर फाइल कर सकते है और भारी नुकसान होने से बच सकते है।

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वर्चुअल डिजिटल एसेट पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू

वित्तीय वर्ष 2023 के लिए आईटीआर फाइल करना आप भूल गए है तो आप लेट फीस जमा कर बीलेटेड आईटीआर भरने का मौका सरकार ने दिया है। इसी फाइनेंशियल ईयर और केंद्रीय प्रत्यक्ष टैक्स बोर्ड ने वर्चुअल डिजिटल एसेट पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू कर दिया है। आईटीआर के वीडीए में इसका लाभ का जिक्र करना बहुत अनिवार्य है।

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194S के अंतर्गत एक नया सेक्शन जोड़ा गया है

वित्त मंत्रालय कि तरफ से कहा गया है कि आयकर अधिनियम 1961 में 194S के अंतर्गत एक नया सेक्शन जोड़ा गया है। जिसमे क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजेक्शन पर एक प्रतिशत टीडीएस कटा जायेगा टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में इसमें छुट दी गई थी। इस वित्तीय वर्ष में वीडीए का जिक्र आईटीआर में करना अनिवार्य है। वीडीए के लेनदेन से होने वाली आय को जिन करदाताओं की तरफ से छुपाया गया है। उन करदाताओं पर 200 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है।

आपको सेक्शन 234F के अंतर्गत लेट फीस देना होगा

आईटीआर रिवाइज यानी क्रिप्टो करेंसी से हुई आय को आपको आईटीआर में दोबारा भरना होगा। ऐसा करने पर आपको सेक्शन 234F के अंतर्गत लेट फीस देना होगा आपकी आय यदि 5 लाख रुपए से कम है तो आपको 1000 रूपये और यदि आपकी आय 5 लाख से अधिक है तो आपको 5000 रुपए फाइन देना होगा।