नयी दिल्ली। सोशल मीडिया पर 500 रुपये के नोट के असली-नकली होने को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलायी जा रही हैं। टिक टॉक और व्हाट्सएप पर अग-अलग वीडियो और फोटो के जरिये कुछ नोटों के नकली होने का दावा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और वीडियो में कहा जा रहा है कि 500 रुपये के वे नोट जिनमें बीच वाली हरी पट्टी गांधीजी के नजदीक हैं, वे नकली हैं। जबकि गांधीजी से यह पट्टी दूर होने वाले नोट ही असली हैं। इस तरह की भ्रमित सूचनाओं के चलते इस मामले में सरकार को दखल देना पड़ा है। पत्र सूचना कार्यालय यानी पीआईबी की तरफ से किये गये एक ट्वीट में इसे लेकर जानकारी दी गयी है। पीआईबी ने कहा है कि ये दोनों तरीके नोट असली और एक दम सही हैं। यानी सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही वे बात झूठ है, जिसमें हरी पट्टी गांधीजी की नजदीक होने पर नोट को नकली बताया गया है।

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क्या कहा पीआईबी ने
पीआईबी ने कहा है कि हरी पट्टी के गांधीजी से दूर और नजदीक वाले दोनों नोट स्वीकार्य हैं। पीआईबी ने अपने ट्वीट में एक फोटो लगाया है, जिसमें गांधीजी से दूर और नजदीक वाली हरी पट्टी की तस्वीरें हैं। तस्वीर के नीचे लिखा है कि वे नोट न लें जिसमें हरी पट्टी गांधी जी के नजदीक है, क्योंकि यह नकली है। बल्कि वे नोट स्वीकार करें जिसमें यह पट्टी गवर्नर के हस्ताक्षर के नजदीक है। मगर आपको बता दें कि सरकार के मुताबिक इस तरह के दोनों नोट ही सही, असली और स्वीकार्य हैं।

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फर्जी खबर पर सरकार को दें जानकारी
पीआईबी ने 500 रुपये के नोटों को लेकर किये ट्वीट में बताया है कि अगर आपको इस तरह की कोई खबर झूठी लगे और आप उसके बारे में जानना चाहें तो उसका सीधे स्क्रीनशॉट लेकर pibfactcheck@gmail.com पर मेल कर दें। आप इसी आईडी पर खबर का URL भी भेज कर सकते हैं। हालाँकि ध्यान रखें कि खबर की सच्चाई केवल तब ही जांची जायेगी अगर वो किसी सरकारी विभाग, मंत्रालय या योजना से संबंधित हो।

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