Nokia Layoffs: फिनलैंड बेस्ड नोकिया ने छंटनी का ऐलान किया है. इसके तहत 2000 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर निकालने का ऐलान किया है. इसमें ग्रेटर चीन में लगभग 2,000 नौकरियों और पूरे यूरोप में 350 अतिरिक्त पदों को समाप्त करने की योजना बना रहा है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी आई सामने आई है.

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इन वजहों से छंटनी का ऐलान

रिपोर्ट के मुताबिक नोकिया ने यह कदम लागत कम करने की स्टैटेजी का हिस्सा बताया है. कंपनी ने पहले 2023 में भी 14,000 नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की थी. दरअसल, नोकिया का लक्ष्य इन छंटनी के जरिए 2026 तक 800 मिलियन यूरो ($868 मिलियन) और 1.2 बिलियन यूरो के बीच बचत करना है. नोकिया के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को यूरोपीय नौकरियों में कटौती की पुष्टि की है. हालांकि, चीन में कटौती के बारे में कोई कमेंट्री नहीं की.

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अमेरिका के बैन का नोकिया के बिजनेस पर भी असर

नोकिया में रीस्ट्रक्चरिंग चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बीच हो रहे हैं. खास तौर पर चीन में जो कंपनी के लिए अहम मार्केट रहा है. बता दें कि हुवावे और जेडटीई जैसी चीनी कंपनियों पर अमेरिका के बैन ने नोकिया के कारोबार को प्रभावित किया है, क्योंकि चीनी कंपनियों ने नोकिया और उसके इंडस्ट्री साथी एरिक्सन के साथ अपने अनुबंध कम कर दिए हैं. इससे नोकिया के बिक्री पर असर पड़ा है.

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नोकिया के बिक्री पर पड़ा असर

नोकिया के नेट सेल्स में चीन का योगदान 2019 में 27% से घटकर पिछली तिमाही में सिर्फ़ 6% रह गया है. कंपनी की चीनी बाजार पर निर्भरता साफ तौर पर कमजोर हुआ है. नौकरी में भारी कटौती के बावजूद नोकिया ने तीसरी तिमाही के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 9% की ग्रोथ दर्ज की है, जो इसके कॉस्ट कटिंग का असर है.

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नोकिया की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में कमी हुई है. अब ग्रेटर चीन में नोकिया के 10,400 कर्मचारी और यूरोप में लगभग 37,400 कर्मचारी रह गए हैं. नोकिया और मेटा जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियाँ छंटनी और लागत में कमी के उपायों के ज़रिए अपनी रणनीतियों को फिर से तैयार कर रही हैं, इसलिए इंडस्ट्री में कम ऑपरेशंस की ओर बदलाव देखा जा रहा है.