नई दिल्ली, सितंबर 25। अगर आप नोएडा में घर प्लॉट या फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल उत्तर प्रदेश के इस शहर में प्रॉपर्टी की रीसेल पर लगाए जाने वाले ट्रांसफर चार्ज को घटा कर आधा कर दिया है। नोएडा प्राधिकरण ने प्रॉपर्टी की रीसेल पर लगाए गए चार्जेस को आधा करने का फैसला लिया है। इसे एक ऐसा कदम माना जा रहा है, जिससे कोरोना के कारण देरी और मार्केट में मंदी से सुधार होने की उम्मीद है।
24 सितंबर को एक बैठक के दौरान प्राधिकरण ने ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (टीएम) शुल्क के या प्लॉट या फ्लैट के ट्रांसफर शुल्क को 5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा प्राधिकरण प्लॉट या फ्लैट की रीसेल पर रजिस्ट्रेशन के समय एक ट्रांसफर चार्ज लेता है। प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि नए शुल्क 2011 के बाद अलॉट की गयी संपत्तियों पर लागू होंगे।
शहर के निवासी, जिसमें कमर्शियल और हाउसिंग प्रॉपर्टीज हैं, इस निर्णय से उत्साहित हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार नोएडा फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सिंह के अनुसार यूपी सरकार की यह एक स्वागत योग्य पहल है। इस फैसले से सैकड़ों घर खरीदारों में खुशी है। वे कहते हैं कि अगला कदम 50,000 से अधिक लंबित रजिस्ट्रियों के पूरे बैकलॉग को क्लियर करना होना चाहिए ताकि कम किए गए ट्रांसफर शुल्क का लाभ उन घर खरीदारों को भी दिया जा सके।
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद उठाया गया है। दरअसल प्राधिकरण को राज्य सरकार ने शुल्क कम करने के निर्देश जारी किए थे ताकि इससे घर खरीदारों को फायदा हो। इस फैसले से उन लोगों को भी फायदा होगा जो इस औद्योगिक शहर में संपत्ति खरीदना चाहते हैं।
रीसेल प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन में, नोएडा प्राधिकरण इस समय मौजूदा रेट के अनुसार कुल फ्लैट / प्लॉट लागत का 5% ट्रांसफर शुल्क के रूप में लेता है। उदाहरण के लिए अगर 1 करोड़ रु का फ्लैट है तो खरीदार को 5 लाख रु ट्रांसफर शुल्क देना होता था। मगर अब यह राशि 2.5 लाख रु रह जाएगी।
ट्रांसफर शुल्क को आधा कर दिया गया है, मगर कुछ निवासियों का कहा है कि प्राधिकरण को ट्रांसफर शुल्क को पूरी तरह से हटा देना चाहिए। बता दें कि सरकार कुल संपत्ति लागत का लगभग 7% रजिस्ट्री शुल्क के रूप में लेती है।
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