भारतीय शेयर बाजार की नजर आज NLC India पर टिकी है, क्योंकि सरकार आज से इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचने (Stake Sale) की शुरुआत कर रही है। इस कदम से शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में बाजार का मिजाज थोड़ा सतर्क लेकिन एक्टिव रहने की उम्मीद है। निवेशक आज सुबह ग्लोबल संकेतों और GIFT Nifty पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इन फैक्टर्स को देखते हुए कई अहम सेक्टर के लार्ज-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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एक्टिव ट्रेडर्स के लिए NLC India के ऑफर फॉर सेल (OFS) का फ्लोर प्राइस सबसे बड़ी खबर है। हिस्सेदारी बेचने का यह फैसला मार्केट रेगुलेटर्स के पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने के लिए लिया गया है। रिटेल निवेशकों को लॉट साइज और दो दिनों की सब्सक्रिप्शन टाइमलाइन का खास ध्यान रखना चाहिए। आमतौर पर ऐसे इवेंट्स की वजह से सेकेंडरी मार्केट में शेयरों की कीमतों में थोड़े समय के लिए उतार-चढ़ाव आता है।

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NLC India OFS और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का हाल

BPCL और HPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) पर इस हफ्ते मार्जिन का दबाव दिख सकता है। कच्चे तेल की गिरती कीमतें इनके मार्केटिंग मार्जिन के लिए तो अच्छी हैं, लेकिन कई कंपनियों के इन्वेंट्री गेन पर इसका असर पड़ता है। निवेशक ग्लोबल मार्केट में हो रहे इन बदलावों और घरेलू रिटेल फ्यूल कीमतों के ट्रेंड को तौल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में एनर्जी शेयरों के लिए ट्रेडिंग का माहौल काफी पेचीदा हो सकता है।

शेयर का नाममुख्य ट्रिगरसंभावित असर
NLC Indiaऑफर फॉर सेल (OFS)सप्लाई का दबाव
BPCL / HPCLकच्चे तेल में उतार-चढ़ावमार्जिन में बदलाव
RVNLनए ऑर्डर्स का मिलनापॉजिटिव रुझान

टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ बढ़ने की चर्चाओं के बीच भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया फोकस में रहेंगे। इसके अलावा, एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये से जुड़े अपडेट्स भी इस सेक्टर का सेंटीमेंट तय करेंगे। वहीं, RVNL जैसे रेलवे PSU शेयरों की नजर नए ऑर्डर्स और वैल्यूएशन पर है। ये शेयर सरकारी खर्च की योजनाओं और नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने की खबरों को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं।

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इंट्राडे सपोर्ट और F&O स्ट्रैटेजी

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेटअप ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल की ओर इशारा कर रहा है। सुबह के कारोबार में रिस्क मैनेज करने के लिए निवेशक इन लेवल्स का सहारा ले रहे हैं। एशियाई बाजारों से मिल-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर बाजार की ओपनिंग पर साफ दिख सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फिलहाल रिस्क कंट्रोल पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

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मार्केट की दिशा समझने के लिए निवेशकों को ओपनिंग ट्रेड के रुझान पर नजर रखनी होगी। आने वाले समय में इंडेक्स के मुकाबले चुनिंदा शेयरों (Stock-specific) में ज्यादा एक्शन देखने को मिल सकता है। ग्लोबल सेंटीमेंट और घरेलू पॉलिसी अपडेट्स पर नजर रखना भी जरूरी है, क्योंकि यही तय करेंगे कि बाजार की मौजूदा तेजी बरकरार रहेगी या नहीं।