नई दिल्ली: किसानों से अब सीधे अनाज, दाल और सब्जी खरीदने का मौका मिलेगा। जी हां बीते कल सोमवार को केन्द्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने एक ऑनलाइन पोर्टल VedKrishi.com लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिए ग्राहक ग्रॉसरी को सीधे किसानों से खरीद सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म को नागपुर की वेदकृषि फार्मर प्रॉड्यूसर कंपनी ने स्थापित किया है। जानकारी दें कि इस VedKrishi.com एप की मदद से डेयरी उत्पादों, सब्जियों, अनाज, दालों, अचार, जूस, सॉस आदि ग्रॉसरी प्रॉडक्ट्स की होम डिलीवरी होगी।
कोरोना के कारण हो रही देरी
बता दें कि कंपनी किसानों को इस प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे उपभोक्ताओ से जोड़ेगी। रजिस्टर्ड उपभोक्ता एक साल पहले से एडवांस में अपने ऑर्डर शिड्यूल कर सकेंगे। इसके अलावा वेदकृषि अन्य किसानों को भी ऑर्गेनिक खेती से जुड़ी उम्दा प्रणालियों को लेकर परामर्श के जरिए सहयोग देगी। अभी VedKrishi.com पोर्टल परिचालन में नहीं आया है। इसकी सर्विस लॉन्च होने में थोड़ा वक्त लगेगा। VedKrishi.com के फाउंडर डायरेक्टर की मानें तो कोविड के कारण पोर्टल की लॉन्चिंग की दिशा में चीजें वैसे आगे नहीं बढ़ रहीं जैसे बढ़नी चाहिए लेकिन हमारी योजना अगले एक या दो माह में इसे लॉन्च कर देने की है।
इस बात से भी अवगत करा दें कि शुरुआत में VedKrishi.com की सर्विस नागपुर व इसके आसपास के क्षेत्रों में रहेगी और हमारा शुरुआती लक्ष्य 300 किसानों को इस पर लाने का होगा। बाद में इस पोर्टल की सर्विस पूरे महाराष्ट्र में विस्तारित करेंगे और उसके बाद पूरे भारत में। VedKrishi.com से ग्राहकों को प्रॉडक्टस की होम डिलीवरी तो होगी ही, लेकिन अगर वे चाहें तो उत्पादों को ऑफलाइन भी खरीद सकते हैं।
किसानों के लिए वेदकृषि खेती से जुड़ी रोज की समस्याओं पर सलाह की पेशकश करेगी, साथ ही उन्हें वेदकृषि फार्म्स पर आने के लिए पेड विजिट की सुविधा भी मुहैया कराएगी ताकि वे इसके बारे में और समझ सकें। इस बात की भी जानकारी दी गई हैं कि किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों पर मेंटोरिंग और गाइडिंग उपलब्ध कराने के अलावा VedKrishi कंपोस्ट, बायोफर्टिलाइजर, पेस्ट कंट्रोल सॉल्युशंस आदि जैसे फार्म इनपुट्स भी उपलब्ध कराएगी। यह जीरो वेस्टेज के लिए कृषि उपज को सुखाने और उसकी प्रोसेसिंग के लिए किसानों को सोलर ड्रायर्स की पेशकश भी करेगी।
नितिन गडकरी के मुताबिक हमारे देश के विकास में एमएसएमई सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान है। अभी जीडीपी ग्रोथ रेट में से 30 फीसदी आय एमएसएमई सेक्टर से आती है। हमारे 48 फीसदी निर्यात एमएसएमई का है और अभी तक हमने 11 करोड़ नौकरियां पैदा की हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले 5 साल में इसे बढ़ाकर कम से कम 30 प्रतिशत ग्रोथ रेट को 50 प्रतिशत, 48 प्रतिशत निर्यात को 60 प्रतिशत करें और 5 करोड़ नई नौकरियां पैदा करें।
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