नयी दिल्ली। आज संसद के बजट सत्र के पहले चरण का अंतिम दिन था। बजट 2020 पेश करने के बाद आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में लगभग 12 घंटे तक चली के दौरान कई सवालों के जवाब दिये। वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था मुश्किल में नहीं है। उनके मुताबिक देश 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके संकेत भी दिख रहे हैं। सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में वृद्धि, फैक्ट्री उत्पादन में बढ़ोतरी और 1 लाख करोड़ से अधिक का जीएसटी कलेक्शन हुआ है, जो अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सात महत्वपूर्ण संकेत हैं जो बताते हैं कि अर्थव्यवस्था में तेजी दिख रही है। अर्थव्यवस्था मुश्किल में नहीं है।

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विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर
तेजी के संकेतकों का उल्लेख करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि विदेशी मुद्रा रिजर्व रिकॉर्ड उच्च स्तर पर है और शेयर बाजार में भी तेजी है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान विकास के चार इंजनों पर है जिनमें निजी निवेश, निर्यात, निजी और सार्वजनिक उपभोग शामिल हैं। पब्लिक इन्वेस्टमेंट के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने दिसंबर में एक राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन की घोषणा की। देश भर में अगले 4 सालों के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1.03 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा।

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रबी और खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया
वित्त मंत्री ने संसद में चर्चा के दौरान बताया कि खपत को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने 2019-20 के लिए सभी अनिवार्य रबी और खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने आगे कहा कि यूपीए सरकार के दौरान राजकोषीय घाटा अधिक था। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2014-15 में देश की अर्थव्यवस्था का आंकड़ा 20 खरब डॉलर था जो 2018-19 में बढ़कर 27 खरब डॉलर पर पहुंच गया।

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