नयी दिल्ली। टेलीकॉम सेक्टर की तीन बड़ी दिग्गज कंपनियों Jio, एयरटेल और वोडाफोन के लिए राहत की खबर आयी है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग या सीसीआई ने सिफी टेक्नोलॉजीज सहित इन तीनों के खिलाफ दायर की गयी उस याचिका को खारिज कर दिया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि ये कंपनियां ओवरसीज इनबाउंड (अंतरराष्ट्रीय इनकमिंग) कॉल पर टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई द्वारा तय किये गये दामों से अधिक शुल्क वसूल रही थीं। सीसीआई का ये आदेश कनाडा स्थित टेलीक्लब (अल्बर्टा लिमिटेड) द्वारा दायर की एक शिकायत पर आया है। टेलीक्लब एक अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर है। टेलीक्लब ने आरोप लगाया था कि भारतीय दूरसंचार कंपनियों ने आपस में मिल कर ट्राई द्वारा तय दरों के बजाय भारत में अपने नेटवर्क पर समाप्त होने वाली इनबाउंड कॉल के लिए 0.0053 अमेरिकी डॉलर का स्टैंडर्ड चार्ज वसूलने का फैसला किया।
आईयूसी विनियम 2018 के अनुसार दूरसंचार नियामक ने वायरलाइन और वायरलेस नेटवर्क के लिए अंतरराष्ट्रीय इनकमिंग कॉल पर प्रति मिनट 0.30 रुपये का अंतरराष्ट्रीय समाप्ति शुल्क (आईटीसी) निर्धारित किया हुआ है। टेलीक्लब के अनुसार दूरसंचार ऑपरेटरों ने फरवरी 2018 में एक और बैठक के बाद इनबाउंड कॉल की दर को बढ़ाकर 0.0115 डॉलर प्रति मिनट कर दिया। इसके अलावा टेलीक्लब ने ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर सर्विस रोकने के लिए इस्तेमाल किए गए अपने पोर्ट्स को जाम करके फर्म को परेशान भी किया।
इसके बाद सीसीआई ने इस मामले पर ट्राई से राय मांगी। ट्राई के प्रस्तुतिकरण से सीसीआई ने उल्लेख किया कि इंटरकनेक्शन यूसेज चार्जेज (आईयूसी) नियमों के अनुसार नियामक ने अंतर्राष्ट्रीय इनकमिंग कॉल के लिए आईटीसी निर्धारित किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय निपटान शुल्क (आईएससी) स्टैंडर्ड के तहत विनियमित नहीं है। मामले में निर्णय भारतीय लंबी दूरी के ऑपरेटरों और विदेशी सेवा प्रदाताओं के बीच आपसी बातचीत पर लिया जाना है। सीसीआई ने कहा कि शिकायतकर्ता ने गलती से "इंटरनेशनल टर्मिनेशन चार्जेज' यानी आईटीसी को इंटरनेशनल सेटलमेंट चार्ज यानी "आईएससी" समझ लिया है।
भारत में इस समय 1.15 अरब से अधिक मोबाइल ग्राहक हैं। इनमें 37 करोड़ ग्राहकों के साथ जियो पहले नंबर पर है। जियो टेलीकॉम सेक्टर में बाजार हिस्सेदारी 32.04 फीसदी है। एयरटेल के पास 32.73 करोड़ ग्राहक हैं और इसकी बाजार हिस्सेदारी 28.35 फीसदी है। पिछले साल नवंबर में देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 2.88 करोड़ की गिरावट आयी थी, जो अप्रैल 2018 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। अप्रैल 2018 में 5.8 करोड़ मोबाइल ग्राहक घट गये थे।
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