Success Story : अपने ब्रांड को घर-घर तक पहुंचाना कोई आसान बात नहीं होती है। हम आपसे जिस ब्रांड की बात कर रहे हैं उसका नाम साइकिल अगरबत्ती है। इसकी नींव एक ऐसे बच्चे रखी जो अपने पढ़ाई के खर्च उठाने के लिए बिस्कुट बेचता था।

Advertisement

एन रंगा राव का जन्म वर्ष 1912 में एक सामान्य से परिवार में हुआ था। रंगाराव के पिता एक टीचर थे। जब के 6 वर्ष के थे तभी रंगा राव के गुजर गए थे। जिनके बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई थी लेकिन रंगा राव को पढ़ाई से लगाव था।

Advertisement

रंगा राव को पढ़ाई तो करनी थी लेकिन पढ़ाई करने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। पढ़ाई को जारी रखने के लिए रंगा राव ने स्कूल में ही बिजनेस शुरू कर दिया।

रंगा राव ने पढ़ाई को जारी रखने के लिए स्कूल शुरू होने से पहले स्कूल के गेट के बाहर बिस्किट बेचा करते थे। इसके साथ ही वह थोक विक्रेता से मिठाई खरीद कर थोड़े मुनाफे के साथ गांव और बाजार में बेचा करते थे। रंगा राव कमाई से वे घर और पढ़ाई दोनों का खर्चा उठाते थे।

Advertisement

रंगा राव का विवाह वर्ष 1930 में सीता से हुआ था। विवाह के बाद के तमिलनाडु के अरुवंकाडु चले गए। रंगा राव ने वहां पर एक फैक्ट्री में क्लर्क का काम भी किया लेकिन उनको वहां पर वहां काम पसंद नहीं आया और वर्ष 1948 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

उन्होंने नौकरी छोड़ने के बाद वर्ष 1948 में अगरबत्ती का कारोबार शुरू किया। रंगा राव के पास बिजनेस को शुरू करने के लिए सेविंग तो कुछ भी नहीं थी। इसी वजह से उन्होंने 50 रु से अपना कारोबार शुरू किया था।

Advertisement

रंगा राव ने अपनी अगरबत्ती का नाम साइकिल रखा। इसके पीछे से उनकी एक सूची कि यह नाम बहोत ही कॉमन है और हर कोई आसानी से समझ सकता है। रंगाराव खुद अगरबत्ती का बंडल साइकिल पर रखकर बाजार में बेचने जाते थे।

उन्होंने अगरबत्ती को बनवाने का कार्य महिलाओं से करवाया इसका केवल ही मकसद था, कि महिलाओं को रोजगार मिले। कंपनी की कमान को उन्होंने वर्ष 1978 तक संभलाते रहे। एन रंगा राव ने कंपनी के नाम के साथ एन आर ग्रुप की शुरुआत की।

Advertisement

वर्ष 1980 में उनके गुजर जाने के बाद कंपनी की कमान उनके बेटों के हाथ में आ गई। आज उनकी कंपनी की कमान को रंगा राव के परिवार की तीसरी पीढ़ी संभाल रही है।

अभी कंपनी के एमडी और सीईओ अर्जुन मूर्ति रंगा हैं। आज के समय में उनकी कंपनी 65 देशों में बिजनेस कर रही है। कंपनी का वैल्यूएशन 7 हजार करोड़ रु पहुंच गया है।

Success Story : कभी Airport पर किया था सफाई का काम, अब हैं 10 करोड़ रु की कंपनी के मालिक| GoodReturn
Advertisement